Babamandal
Aaj Tak Podcasts
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Babamandal is a weekly monologue podcast hosted by Panini Anand, also known as 'Baba' to his listeners, who is valued for his unique mix of wisdom, wit, and storytelling. Every Sunday, Baba explores subjects ranging from everyday curiosities to complex contemporary issues, unpacking them in his signature desi style. Drawing from history, culture, religion, mythology, and society, he connects past and present to offer fresh perspectives on familiar topics. The podcast is insightful and engaging, rich with anecdotes and references, creating a space where knowledge meets conversation and serious ideas are discussed with warmth, humor, and depth.
エピソード
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शरद को दूसरा बसंत क्यों कहते हैं? इस ऋतु में क्यों आते हैं इतने सारे त्योहार?: बाबामंडल Ep 17 18.10.2026 46分छह ऋतुओं के भारतीय चक्र में शरद क्यों ख़ास है? क्यों शरद ऋतु को 'दूसरा बसंत' कहा जाता है और क्यों इसे वैदिक काल से राजाओं की विजय की श्रेष्ठ ऋतु माना गया? 'जीवेत शरदः शतम' का असली अर्थ क्या है? बाबामंडल के इस विशेष एपिसोड में पाणिनि आनंद 'बाबा' से जानिए शरद ऋतु की प्रकृति, साहित्य, पौराणिक कथाओं, त्योहारों और खानपान की दिलचस्प दुनिया के बारे में. शरद का शारदा से क्या जुड़ाव है? शरद में खिलने वाले पारिजात और कास के फूलों से जुड़े विवरण, शारदीय पर्व श्रृंखला, और भगवान राम से लेकर बुद्ध तक खीर का ऐतिहासिक व आयुर्वेदिक सफर. साथ ही सुनिए बाबा की 'स्पेशल खीर रेसिपी' और बासी खीर के पीछे का असली विज्ञान!होस्ट: पाणिनि आनंदप्रड्यूस: कुमार केशवसाउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह -
शरद को दूसरा बसंत क्यों कहते हैं? इस ऋतु में क्यों आते हैं इतने सारे त्योहार?: बाबामंडल Ep 17 18.10.2026 46分छह ऋतुओं के भारतीय चक्र में शरद क्यों ख़ास है? क्यों शरद ऋतु को 'दूसरा बसंत' कहा जाता है और क्यों इसे वैदिक काल से राजाओं की विजय की श्रेष्ठ ऋतु माना गया? 'जीवेत शरदः शतम' का असली अर्थ क्या है? बाबामंडल के इस विशेष एपिसोड में पाणिनि आनंद 'बाबा' से जानिए शरद ऋतु की प्रकृति, साहित्य, पौराणिक कथाओं, त्योहारों और खानपान की दिलचस्प दुनिया के बारे में. शरद का शारदा से क्या जुड़ाव है? शरद में खिलने वाले पारिजात और कास के फूलों से जुड़े विवरण, शारदीय पर्व श्रृंखला, और भगवान राम से लेकर बुद्ध तक खीर का ऐतिहासिक व आयुर्वेदिक सफर. साथ ही सुनिए बाबा की 'स्पेशल खीर रेसिपी' और बासी खीर के पीछे का असली विज्ञान!होस्ट: पाणिनि आनंदप्रड्यूस: कुमार केशवसाउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह -
देवी की पूजा करने वाले समाज में स्त्री की असल स्थिति क्या है: बाबामंडल Ep 16 11.10.2026 41分देवी की पूजा करने वाले समाज में क्या स्त्रियों को भी वही सम्मान, स्वतंत्रता और शक्ति मिलती है, जिसकी प्रतीक दुर्गा, काली, सरस्वती और लक्ष्मी हैं? अगर स्त्री को सृष्टि का आधार माना गया, तो वास्तविक जीवन में उसकी स्थिति इतनी जटिल क्यों है? हिंदू परंपरा में जहां शिव के साथ पार्वती बराबरी में बैठती हैं और महाकाली काल को ललकारती हैं, उसी समाज में ज़मीनी स्तर पर स्त्रियों की वास्तविक स्थिति क्या है? वैदिक काल की गार्गी और मैत्रेयी से लेकर मध्यकाल की कुरीतियों और आधुनिक दौर के विरोधाभासों तक—स्त्री और देवी के संबंध पर एक विचारोत्तेजक चर्चा सुनिए 'बाबामंडल' के इस ख़ास एपिसोड में पाणिनि आनंद 'बाबा' से.होस्ट: पाणिनि आनंदप्रड्यूसर: कुमार केशवसाउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह -
पितरों को जो चढ़ाते हैं, वो सच में खाते हैं क्या? श्राद्ध, तर्पण और पितृ ऋण को समझिए: बाबामंडल Ep 15 04.10.2026 32分क्या पितृ पक्ष में हमारे पूर्वज सचमुच भोजन और पानी की प्रतीक्षा करते हैं? पितृ कौन हैं, श्राद्ध और तर्पण का वास्तविक अर्थ क्या है और पितृ ऋण तथा पितृ दोष में क्या अंतर है? बाबामंडल के इस एपिसोड में पाणिनि आनंद बाबा से सुनिए ऋग्वेद में पितरों के उल्लेख से लेकर कर्ण की प्रचलित कथा, श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान, पंचबलि और पितृ पक्ष से जुड़ी मान्यताओं पर विस्तार से चर्चा. साथ ही जानिए कि पितृ दोष का संबंध मूल वैदिक परंपरा से कितना है और ज्योतिषीय व्याख्याओं से कितना. क्या पितृ पक्ष अशुभ है? क्या श्राद्ध केवल कर्मकांड है? और अगर कोई विधि-विधान न कर पाए तो क्या पूर्वजों के प्रति उसका दायित्व समाप्त हो जाता है? पितरों को डर से नहीं, कृतज्ञता से याद करने की परंपरा को समझिए. होस्ट: पाणिनि आनंद प्रड्यूस: कुमार केशव साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह -
मांसाहार की बहस प्लेट पर क्यों? अहिंसा, शाकाहार & भोजन की राजनीति: बाबामंडल Ep 14 27.09.2026 37分मांसाहार और शाकाहार की बहस सिर्फ़ थाली तक सीमित नहीं है. इसके पीछे धर्म, पहचान, जाति, अहिंसा, पर्यावरण, कृषि, बाज़ार और नैतिकता के कई सवाल जुड़े हैं. हम क्या खाते हैं, क्यों खाते हैं और अपने खाने के आधार पर दूसरों को कैसे देखते हैं. क्या मांस खाना हिंसा है? क्या शाकाहारी होना ही अहिंसक होने की गारंटी है? क्या अहिंसा केवल हमारी थाली तक सीमित हो सकती है? और अगर प्रकृति में जीवन एक-दूसरे पर निर्भर है, तो हिंसा और अहिंसा को हम कैसे समझें?इस एपिसोड में बात मांसाहार और शाकाहार से आगे जाकर भोजन, उपभोक्तावाद, कृषि, मीट एक्सपोर्ट, पर्यावरण और गांधी की अहिंसा तक पहुंचती है. असली सवाल यह है कि हमारी थाली बदलने से अहिंसा आती है या हमारे व्यवहार और सोच बदलने से? क्या हिंसा सिर्फ़ वहां है जहां खून दिखाई देता है? क्या प्रकृति करुणा से चलती है या संतुलन से? थाली में क्या है, यह सवाल कब से इतना बड़ा हो गया कि उससे इंसान की पहचान तय होने लगी? 'बाबामंडल' में इन्हीं सवालों की पड़ताल पाणिनि आनंद बाबा के साथ. प्रड्यूसर: कुमार केशवसाउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह -
मांस खाना पाप कब बना? धर्म, इतिहास और शाकाहार-मांसाहार का पाखंड: बाबामंडल Ep 13 20.09.2026 52分मांसाहार सिर्फ़ खाने की चीज़ है या धर्म, जाति, शुद्धता और राजनीति का भी सवाल? मनुष्य के भोजन का इतिहास बहुत पुराना है. लेकिन भारत के खान-पान की कहानी और भी जटिल है. बाबामंडल के इस एपिसोड में पाणिनि आनंद 'बाबा' से समझिए भारत में शाकाहार और मांसाहार की कहानी वास्तव में कितनी पुरानी, जटिल और विविध है. इस पॉडकास्ट में मिलेंगे कई सुलगते हुए सवालों के जवाब. मसलन- क्या प्राचीन भारतीय परंपराओं में मांसाहार हमेशा वर्जित था? वेदों, आयुर्वेद, रामायण और महाभारत में भोजन को लेकर क्या तस्वीर मिलती है? शाकाहार कब और कैसे धार्मिक-सामाजिक पहचान से जुड़ने लगा? अलग-अलग क्षेत्रों, संप्रदायों और समुदायों में खान-पान इतना अलग क्यों रहा? हमने किसी के खाने को उसके धर्म, चरित्र या श्रेष्ठता का पैमाना कब बना दिया? ध्यान रहे...यह चर्चा मांसाहार को बढ़ावा देने या शाकाहार का विरोध करने के लिए नहीं है. होस्ट: पाणिनि आनंदप्रड्यूसर: कुमार केशवसाउंड: सूरज सिंह -
जापान से थाईलैंड तक...गणपति का यह रूप पूरी दुनिया में क्यों पूजा जाता है?: बाबामंडल Ep 12 13.09.2026 36分गणेशजी को विनायक, गजानन और विघ्नहर्ता क्यों कहा जाता है? गणपति के अलग-अलग नामों और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं से लेकर गणेशजी और प्रकृति के संबंध तक, 'बाबामंडल' के इस एपिसोड में कई दिलचस्प सवालों के जवाब मिलेंगे. जानिए गणेशजी को जामुन, कैथा, दूर्वा और मोदक क्यों चढ़ाए जाते हैं, उनके बड़े कान, छोटी आंखें, सूंड और लंबोदर का क्या अर्थ है और गणेश-कार्तिकेय की कहानी क्या कहती है. साथ ही भारत से बाहर गणेश पूजा की परंपरा, गणेशोत्सव का इतिहास और 1893 में लोकमान्य तिलक की भूमिका पर भी चर्चा होगी. विनायक से गजानन और विघ्नकर्ता से विघ्नहर्ता बनने तक गणपति की अनसुनी कहानियां सुनिए पाणिनि आनंद उर्फ़ बाबा से. होस्ट:पाणिनि आनंद प्रड्यूसर: कुमार केशव साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह -
अचानक कुछ नहीं होता! जो दिखता है, उसके पीछे क्या?: बाबामंडल, Ep 11 06.09.2026 34分क्या दुनिया में होने वाली बड़ी घटनाएं या हमारे जीवन में आने वाले बदलाव वाकई 'अचानक' होते हैं? नेपाल का जल प्रलय हो, 9/11 का हमला हो या किसी का अचानक आया हार्ट अटैक, तानाशाही, क्रांति, सफलता, असफलता, Love at First Sight से लेकर Break up तक—क्या इनके पीछे कोई लंबी प्रक्रिया नहीं होती? 'बाबामंडल' (Babamandal) के इस एपिसोड में पाणिनि आनंद उर्फ़ बाबा बात कर रहे हैं 'अचानक' (Suddenness) के पीछे छिपे सत्य और बोध की. जानेंगे कि कैसे हमारी सीमित दृष्टि हमें चीजों को अचानक दिखाती है, जबकि वास्तविकता कुछ और ही होती है.होस्ट: पाणिनि आनंदप्रड्यूसर: कुमार केशवसाउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह -
प्रतिभा का सबसे बड़ा दुश्मन कौन? टैलेंट के साइड इफेक्ट क्या हैं: बाबामंडल 30.08.2026 43分प्रतिभा क्या है? क्या ये सिर्फ जींस और न्यूरोलॉजी का खेल है या फिर अवसर और परिस्थितियों की कहानी? बाबामंडल के इस एपिसोड में पाणिनि आनंद 'बाबा' गहराई से समझा रहे हैं कि कैसे समाज हमारी विशिष्टता को 'बोनसाई' (Bonsai) की तरह ट्रिम कर देता है. क्या सफलता का दबाव हमारी मौलिक प्रतिभा का दुश्मन बन गया है? हम Vincent van Gogh के अवसाद से लेकर Leonardo da Vinci की अद्वितीयता तक के सफर की तफ़्तीश करेंगे. टैलेंट के साइड इफेक्ट से लेकर इसकी इकोनॉमी को समझने के लिए सुनिए पूरा पॉडकास्ट.होस्ट: पाणिनि आनंदप्रड्यूसर: कुमार केशवसाउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह -
रक्षाबंधन - किसकी रक्षा, कैसा बंधन? राखी का अनसुना और अलिखित इतिहास: बाबामंडल 23.08.2026 32分क्या रक्षाबंधन सिर्फ एक पर्व है या परंपरा? इसके पीछे कोई गहरा मनोवैज्ञानिक और सामाजिक अर्थ छिपा है? 'बाबा मंडल' के इस एपिसोड में हम रक्षाबंधन की जड़ों तक जाने की कोशिश करेंगे. जहां इतिहास और शास्त्रों में 'राखी' शब्द का सीधा उल्लेख मिलना मुश्किल है, वहीं हमारी लोक परंपराओं ने इस ख़ूबसूरत रिश्ते को सदियों से संजोकर रखा है. हुमायूं-रानी कर्णावती की कहानियों से लेकर ऋषियों और राजाओं के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 'रक्षा सूत्र' तक, हम जानेंगे कि यह धागा कैसे वचन और बंधुत्व का प्रतीक बना. आज के बदलते दौर में रक्षाबंधन सिर्फ भाई द्वारा सुरक्षा का नहीं, बल्कि बहन की 'मुक्ति' और उसकी पहचान का उत्सव कैसे है, आइए समझते हैं पाणिनि आनंद उर्फ़ 'बाबा' से.इस पॉडकास्ट में सुनिए:राखी का अनसुना और अलिखित इतिहासपौराणिक कथाओं का सच: राजा बलि, कृष्ण-द्रौपदी और सिकंदर के प्रसंगभारतीय संस्कृति में 'रक्षा सूत्र' का वैज्ञानिक और सामाजिक तर्कसामाजिक एकता और आंदोलनों में राखी की भूमिका21वीं सदी में भाई-बहन के रिश्ते की नई परिभाषाहोस्ट: पाणिनि आनंदप्रड्यूसर: कुमार केशवसाउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह -
पकौड़े का गरुड़ पुराण से क्या रिश्ता है? चटनी-पकौड़ी का अनसुना इतिहास: बाबामंडल Ep 08 16.08.2026 51分बारिश की पहली बूंद गिरते ही पकौड़े क्यों याद आते हैं? आखिर पकौड़ी और चटनी के बीच ऐसा क्या रिश्ता है कि एक के बिना दूसरा अधूरा लगता है? और क्या आपको पता है कि पकौड़ी की कहानी सिर्फ़ हमारी कढ़ाही तक सीमित नहीं है...इसकी जड़ें मेसोपोटामिया तक जाती हैं और इसका एक अजीब-सा कनेक्शन गरुड़ पुराण से भी निकल आता है! पकवट, बटका और परिका—कैसे बदले पकौड़ी के नाम? चटनी के पाँच प्रकार कौन से हैं? सबसे स्वादिष्ट चटनी-पकौड़ी कौन सी है? पाणिनी आनंद 'बाबा' के साथ बाबामंडल के इस चटपटे एपिसोड में उतरिए पकौड़ी और चटनी की उस दुनिया में, जिसे हम खाते तो रोज़ हैं, लेकिन जानते बहुत कम हैं. होस्ट: पाणिनि आनंद प्रड्यूसर: कुमार केशव साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह -
कांवड़ियों को राजनीति बिगाड़ रही? कांवड़ का असल इतिहास और इसके नियम: बाबामंडल, Ep 07 09.08.2026 32分सावन और कांवड़ यात्रा एक दूसरे के पूरक हैं. भगवान शिव की उपासना के इस महीने में कांवड़ यात्रा का ख़ास महत्व रहा है. लेकिन आए दिन जिस तरह की ख़बरें और वीडियो सामने आते हैं, उससे सवाल उठता है कि क्या कांवड़ यात्रा अपनी मूल पहचान खो रही है? क्या आजकल की राजनीति और ट्रेंड्स ने इस प्राचीन परंपरा को बदल दिया है? 'बाबामंडल' के इस एपिसोड में पाणिनि आनंद उर्फ़ बाबा कांवड़ यात्रा के उस सच को खंगाल रहे हैं जो अक्सर डीजे के शोर में दब जाता है. इस पॉडकास्ट में जानेंगे: कांवड़ का इतिहास: कांवरिया या कांवड़िया शब्द कहां से आया? क्या रावण पहला कांवड़िया था? परशुराम और श्रवण कुमार से जुड़े पौराणिक संदर्भ और गढ़मुक्तेश्वर से पुरामहादेव (बागपत) की यात्रा का महत्व प्रमुख मार्ग और स्थान: सुल्तानगंज से देवघर (बाबा बैजनाथ धाम) तक की यात्रा, हरिद्वार-दिल्ली-एनसीआर रूट पर बढ़ती उग्रता और नासिक से रामेश्वरम तक के जल अभिषेक की परंपरा धार्मिक परिक्रमाएं: बनारस की पंचकोशी, अयोध्या की 14 कोसी, और नर्मदा परिक्रमा जैसे कठिन संकल्पों का विश्लेषण कांवड़ के नियम: वो कड़े नियम (जैसे विलासिता का त्याग, सात्विक भोजन, और अहिंसा) जिन्हें आज लगभग भुला दिया गया है राजनीति और अराजकता: 1980 के दशक के बाद कांवड़ का 'ऑर्गेनाइज्ड' और 'पॉलिटिकल' होना. क्या हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा ने इसे एक वीआईपी इवेंट बना दिया है? शिव का असली स्वरूप: क्या एक 'शिव भक्त' हिंसक और अपशब्द बोलने वाला हो सकता है? शिव की बारात का असली संदेश क्या है? होस्ट: पाणिनि आनंद प्रड्यूसर: कुमार केशव साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह -
Gen Z Protest में गालियां क्यों, गाली देना क्या हमेशा गलत होता है?: बाबामंडल Ep 06 02.08.2026 44分गालियों का समाज और समाज की गाली आजकल राष्ट्रीय विमर्श में है. बाबामंडल के इस एपिसोड में गालियों के संसार और उसके पीछे छिपे मनोविज्ञान की गहराई से हुई पड़ताल. आज के दौर में विरोध प्रदर्शनों और सोशल मीडिया पर गालियां या अपशब्द इतने आम क्यों हो गए हैं? क्या ये महज़ गुस्सा है या अभिव्यक्ति का एक नया और बेबाक तरीका? प्राचीन रोमन और ग्रीक सभ्यताओं से लेकर आज के आधुनिक समाज तक, अपशब्द या गालियां कैसे हमारी भाषा का हिस्सा बन गए? क्या गाली देना एंगर मैनेजमेंट का एक 'सेफ्टी वाल्व' है या यह केवल मानसिक हिंसा का एक रूप है? इस पॉडकास्ट में पाणिनि आनंद 'बाबा' ने गालियों के सांस्कृतिक आधार, जेंडर के नजरिए और नई पीढ़ी की बदलती भाषा पर मज़ेदार अंदाज़ में प्रकाश डाला है. भाषा, समाज और मानवीय संवेदनाओं के इस दिलचस्प रिश्ते को समझने के लिए अंत तक सुनें. होस्ट: पाणिनि आनंद प्रड्यूसर: कुमार केशव साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह -
आंदोलन लोकतंत्र के Safety Valve हैं, पर ये कब खतरनाक हो जाते हैं: बाबामंडल Ep 05 26.07.2026 56分क्या 'आंदोलन' का मतलब सिर्फ विरोध प्रदर्शन है? आंदोलनजीवी होना गर्व की बात क्यों है? क्या बिना राजनीति के कोई आंदोलन मुमकिन है? क्या आंदोलन हमेशा सफल होते हैं? आज 'बाबा मंडल' (Babamandal) के इस ख़ास एपिसोड में हम गहराई से समझेंगे 'आंदोलन' (Movement) के वास्तविक अर्थ को. अक्सर हम आंदोलनों को केवल सड़कों पर भीड़ या नारों के रूप में देखते हैं, लेकिन इसके पीछे विज्ञान, मनोविज्ञान और सत्ता का एक जटिल ताना-बाना होता है. इस पॉडकास्ट में पाणिनि आनंद 'बाबा' से जानिए...आंदोलन के 5 मूल तत्व क्या हैं? क्रांति, विद्रोह और आंदोलन में क्या अंतर है? कब कोई बगावत आंदोलन बनती है और कब क्रांति? गांधी के सत्याग्रह से लेकर जेपी आंदोलन, राम मंदिर आंदोलन और अन्ना हजारे के आंदोलन तक का विश्लेषण. क्यों हर आंदोलन के पीछे एक विचार होना जरूरी है? कैसे आंदोलन समाज में बड़े विस्फोटों को रोकते हैं? अगर आप राजनीति, समाजशास्त्र और लोकतांत्रिक मूल्यों को गहराई से समझना चाहते हैं, तो यह एपिसोड आपके लिए है. होस्ट: पाणिनि आनंद प्रड्यूसर: कुमार केशव साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह -
भारत का असली 'वित्त मंत्री' मानसून क्यों है और गांव vs शहर की बरसात: बाबामंडल Ep 04 19.07.2026 41分बाबामंडल के इस एपिसोड में पाणिनी आनंद 'बाबा' मानसून के उन पहलुओं पर चर्चा कर रहे हैं जो अक्सर विज्ञान की किताबों से छूट जाते हैं. क्या आप जानते हैं कि दक्षिण एशिया में मानसून का पैटर्न हिमालय जितना ही पुराना है? इसे प्रकृति का 'रिचार्ज सीजन' क्यों कहा जाता है? मानसून को भारत का 'स्थाई वित्त मंत्री' क्यों माना जाता है और यह हमारी जीडीपी को कैसे प्रभावित करता है? गाँव और शहर की बारिश में क्या अंतर है? कौन से ऐसे जीव हैं जो सिर्फ वर्षा ऋतु में दिखते हैं? संसद के आगामी मानसून सत्र से लेकर बरसात के देसी जुगाड़, इसकी तैयारियां, बारिश के मौसम में खान-पान और स्वास्थ्य से जुड़े नियमों के साथ मघा नक्षत्र, कजरी, विरह के गीत और साहित्य में मानसून के विभिन्न बिम्बों का ज़िक्र सुनिए. होस्ट: पाणिनि आनंद प्रड्यूसर: कुमार केशव साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह -
देव, दानव या मानव - अहंकार से कोई बच क्यों नहीं पाया: बाबामंडल Ep 03 12.07.2026 45分सफल लोगों को अहंकार क्यों हो जाता है? सत्ता, शक्ति और अहंकार...क्या है इनका संबंध? 'बाबामंडल' के इस एपिसोड में पाणिनि आनंद 'बाबा' अहंकार के मनोविज्ञान की गहराई में उतरते हैं और बताते हैं कि आखिर क्यों देवता भी इससे अछूते नहीं रह सके. शक्ति और सफलता इंसान को आत्म-मुग्धता की ओर कैसे ले जाती है? स्वाभिमान और अहंकार के बीच की उस महीन रेखा को समझिए जिसे पार करना पतन का कारण बनता है. कबीर और नानक के विचारों से लेकर रावण और इंद्र के उदाहरणों तक, यह एपिसोड 'अहम' की उत्पत्ति और इसके प्रभाव का विश्लेषण करता है. क्या मनुष्य के लिए अहंकार से मुक्ति संभव है? -
राम मंदिर में चंदा चोरी- अपराध, पाप और विश्वासघात? चंदा, दान और दक्षिणा का फ़र्क़, दानपात्र और दान का पात्र: बाबामंडल, Ep 02 05.07.2026 30分बाबामंडल के दूसरे एपिसोड में बात दान की. अयोध्या में राम मंदिर के दान चोरी की ख़बर से करोड़ों लोग मर्माहत हैं. तरह-तरह के विचारों, बयानों और आरोपों-आलोचनाओं का दौर जारी है. तो इसी बहाने पाणिनि आनंद 'बाबा' से जानते हैं कि दान दरअसल है क्या? चंदा, दान और दक्षिणा के बीच फ़र्क़ क्या है? दान देने की आवश्यक शर्तें क्या हैं? श्रेष्ठ दान कौन से हैं? दान का दिखावा, दान का गर्व और दान की क़ीमत क्या है? सदका क्या है और ज़कात क्या? शिव सबसे बड़े दानी क्यों माने जाते हैं? दानचोरी अपराध तो है लेकिन इस महापाप की सज़ा क्या मिलती है? साथ ही राजा हरिश्चंद्र, विक्रमादित्य, हर्षवर्धन, शिबि, राजा बलि और शुक्राचार्य की लोक कथाएं भी सुनने को मिलेंगी. होस्ट: पाणिनि आनंद प्रड्यूसर: कुमार केशव साउंड मिक्सिंग: अमन पाल -
पाणिनि बाबा की वापसी और ज्ञान की निरंतरता: बाबामंडल Ep 01 28.06.2026 20分नए पॉडकास्ट 'बाबामंडल' के साथ लौट रहे हैं आप सबके चहेते पाणिनि आनंद उर्फ़ बाबा. पहले एपिसोड में उन्होंने दिया आप सबके सवालों का जवाब. कुछ ख़ास लोग अक्सर याद आते हैं और क्यूंकर याद आते हैं? ज्ञान, भाषा और संस्कृति की निरंतरता पर उन्होंने क्या बताया? साथ ही गंगा, अहिल्याबाई की मणिकर्णिका और चीन-जापान पर बाबा क्या बोले, अंत तक सुनिए. होस्ट: पाणिनि आनंद प्रड्यूसर: कुमार केशव साउंड मिक्सिंग: अमन पाल
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