Padhaku Nitin

Padhaku Nitin

Aaj Tak Radio
Ülke India
Türler History
Dil HI
Bölüm 288
Son 28.05.2026

Padhaku Nitin एक आकस्मिक और लंबी बातचीत पर आधारित पॉडकास्ट है जहाँ Aaj Tak Radio के होस्ट नितिन विशेषज्ञों से बात करते हैं और इतिहास, युद्ध, राजनीति, नीति, विचारधारा, सिनेमा, यात्रा, खेल, प्रकृति और हर उस चीज़ पर चर्चा करते हैं जो दिलचस्प है। शो का एक एपिसोड चार किताबें पढ़ने जितना समृद्ध हो सकता है। पॉडकास्ट का उद्देश्य सवाल पूछते रहना है जब तक कि किसी विषय की हर बात सामने न आ जाए।

Bölümler

  • Coke Pepsi की जंग, Adidas Puma की लड़ाई और Brands की चमकीली दुनिया का सच! : Padhaku Nitin 28.05.2026 1sa 21dk
    खाने पीने से लेकर जगने सोने तक. हम सब Brands से घिरे हुए हैं. खाना मंगाना हो तो Zomato-Swiggy जैसे Brands. सोना हो तो गद्दे के Brands. जागना हो तो कौनसी Brand की चाय कॉफ़ी पीएंगे उसके Brands. यहां तक की जिस डिवाइस पर आप हमें देख पा रहे हैं, उसका भी एक Specific Brand और ये भी मुमकिन है कि इस पॉडकास्ट को चलाने से पहले भी किसी Brand का ad आपके Youtube पर आया होगा. सोचिए इतना घिरे हैं हम Brands से. और इसलिए ज़रूरी है कि जो Brands हमारे इतने आसपास रहते हैं, वो हमसे चाहते क्या हैं? सिर्फ़ हमारा पैसा? नहीं! और भी काफ़ी कुछ. ज़रूरत है ये समझते कि वो सोचते कैसे हैं? Padhaku Nitin के इस एपिसोड में Brands को समझने की कोशिश है. और किसी का true Character तभी reveal होता है, जब वो अपने Existence के लिए लड़ रहा हो. इसलिए आज Brands को समझेंगे. The Great Brand Wars के ज़रिए. बात करेंगे दुनिया के सबसे Creative और सबसे Brutal Brand Wars. कैसे दुनिया के बड़े बड़े Brands लड़ते हैं आपके और सिर्फ़ आपके Attention के लिए. और in the process बन जाते हैं Culture का हिस्सा. कई बार इस हद की आपकी Choices को Influence करने लगते हैं. हमारे साथ Expert भी ऐसी हैं जो इसपे बात करने के लिए Best हैं, क्योंकि वो रोज़ Brands के बारे में ही पढ़ाती हैं. हमारे साथ हैं Prof. Shailaja Manocha. Marketing की Professor हैं. Maharaja Agrasen Business School में. Producer- Manav Dev Rawat Host - Nitin Thakur Sound- Suraj Singh
  • 73 दिन पहले करते Appeal, तो नहीं महंगा होता Diesel Petrol LPG? : Padhaku Nitin 21.05.2026 1sa
    संयम और कटौती. एक दौर था जब इन्हीं गर्मियों में शहर के कुछ मोहल्लों से बिजली की कटौती होती थी, और इतनी गर्मी में भी हम रखते थे संयम. हमारे घरों में भी जब जब कहीं से कोई विपत्ति आन पड़ती थी, बड़े बुज़ुर्गों की सलाह में संयम और कटौती दोनों शुमार होती थीं. पिछले दिनों कुछ ऐसा हुआ, कि भारत भर की जनता के कानों में ये शब्द फिर कौंधे. जब पीएम मोदी ने तेलंगाना के सिकंदराबाद में 7 Pointer की अपील की. पीएम मोदी की इस सलाह को देशभर में दो तरह से देखा गया. एक तरफ़ तो लोगों ने कहा कि मोदीजी इस West Asia और Hormuz संकट के समय में संयम और कटौती की सलाह दे रहे हैं. लेकिन दूसरी तरफ़ भर भर के उसकी इस अपील की आलोचनाएं भी हो रहीं हैं. ये दोनों बातें Subjective है. लेकिन जब कोई Economy के Professor इस सलाह, इसके Consequences या Faultlines को समझाएं तो मुमकिन है कि एक Objective Insight आप और हम दोनों पा सकें. Padhaku Nitin के इस एपिसोड में बात इसी पर हुई. सोना ख़रीदना छोड़ देने से क्या सब ठीक हो जाएगा? पूरा देश अगर सलाह मांग कर WFH कर भी ले, तो क्या Hormuz संकट हंसते खेलते बीत जाएगा? ये भी समझाया कि War होती ही किसी देश की Economy किस तरह बदल जाती है? Economist और Professor Arun Kumar से. Producer- Manav Dev Rawat Host - Nitin Thakur Sound- Aman Pal
  • Diljit Dosanjh Controversy, Khalistan, Blue Star और जिहाद का Pakistan Connection : पढ़ाकू नितिन 19.05.2026 1sa 30dk
    आप दिलजीत दोसांझ को जानते हैं न? सोशल मीडिया के इस दौर में उनका नाम जाने बिना रह पाना मुश्किल है भी. सिंगर हैं. एक्टर भी हैं. उनके नाम पर भारत तो क्या. विदेशों में भी स्टेडियम के स्टेडियम भर जाते हैं. 30 अप्रैल 2026 को वो कैलगरी, कैनेडा में मौजूद एक ऐसे ही स्टेडियम में अपना शो कर रहे थे. अचानक उनकी नज़र भीड़ में कुछ लोगों पर पड़ी और गाते गाते रुक गए. दरअसल भीड़ में कुछ लोग खालिस्तान समर्थक झंडे लहरा रहे थे. दिलजीत ने पंजाबी में उन्हें डांट दिया. रिपोर्टस का मानना है कि दिलजीत ने उसके बाद सिक्योरिटी से इन झंडा लहराने वालों को बाहर भी निकाल दिया. इसके बाद फिर से मीडिया रिपोर्ट्स में खालिस्तान का कीवर्ड तैर गया. अक्सर तैरता ही रहता है. चाहे बात कनाडा भारत के संबंधों की हो. इंदिरा गांधी और Operation Blue Star की हो या अभी 5 मई 2026 को पंजाब में हुए बॉम्ब ब्लास्ट हों. एक नाम अक्सर तैर जाता है Khalistan. इस एपिसोड में आपको ये Khalistan Movement ही पूरी तरह समझा देते हैं. भारत के एक राज्य से उठा एक मूवमेंट कैसे कनाडा तक पहुंचा. कैसे भारत के लिए लगातार एक Internal Security का मसला बना रहता है. Operation Blue Star क्या था? क्यों खालिस्तानियों पर ये आरोप लगता है कि वो कश्मीर में Operate करने वाले आतंकवादियों से ज़्यादा कट्टर हैं? Padhaku Nitin का ये एपिसोड दरअसल, सिर्फ़ एक पॉडकास्ट नहीं है. बल्कि एक Masterclass है खालिस्तान को समझने के लिए. और हमारे आपके टीचर हैं आपके चहीते Counter-terrorism Expert अभिनव पंड्या. Producer- Manav Dev Rawat Host - Nitin Thakur Sound- Aman Pal
  • फ़र्ज़ी Resume, USA में जॉब, लाखों का वादा: Desi Consultancies का सबसे बड़ा Scam! : Padhaku Nitin 07.05.2026 1sa 22dk
    रोटी कपड़ा और मकान. The Ultimate Trio of Survival. एक दौर था जब किसी Individual की समृद्धि नापने के लिए ये मापक थे. लेकिन आज अल्टीमेट मापक है, नौकरी. वही नौकरी जिसके लिए लोग इतना पढ़ते लिखते हैं. इतनी Skills acquire करते हैं. और कई लोग तो इसके लिए दूर देश जाने के लिए तैयार हो जाते हैं. लेकिन हर बार सपना उतना सुनहरा हो जितना चमक रहा है, ज़रूरी नहीं. कई बार बाहर के किसी देश में काम करने गए लोगों के साथ धोखा होता है. Scams होते हैं. शोषण होता है. आज के पढ़ाकू नितिन में हम जिस किताब पर बात करने वाले हैं वो ऐसे ही Scams की कहानी है. वो भी वो Scams जो America में घटे. किताब की मानें तो सालों से घट रहे हैं. लगातार H1B Visa पर भारत से America पहुंचे लोगों के साथ. Padhaku Nitin में इस बार Tanul Thakur हैं. उस दुनिया को उन्होंने बहुत क़रीब से देखा है. खुद भी उसका शिकार होते होते बचे. और फिर सालों की मेहनत के बाद इस किताब में वो सारी कहानियां और इक्ट्ठी कीं. जिसे एक लाइन में Define करें तो कहेंगे. Indian Diaspora’s Best Kept Secret.
  • Photojournalist Raghu Rai के जूनून, डिटेल्ड फोटोग्राफ़ी और सूफ़ीपन के अद्भुत किस्से! : Padhaku Nitin 30.04.2026 1sa 18dk
    आसमान के पार भी शायद कोई आसमान होगा। जो लोग इस जहान से रुख़सत पा जाते हैं, शायद वहाँ ठौर पाते होंगे। लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो जाते-जाते ऐसी ख़ला छोड़ जाते हैं, जिसे भरने का कोई रास्ता समझ में नहीं आता। कुछ दिन पहले दुनिया ने एक ऐसी ही ख़ला महसूस की, जब मशहूर फ़ोटोग्राफ़र रघु राय ने दुनिया को अलविदा कहा। वही रघु राय, जिनकी तस्वीरों को अगर कोई chronological order में लगाए, तो आज़ादी से आज तक के सालों की सिलसिलेवार तस्वीर देख सकता है। इतना इतिहास, इतना charm है उनमें। इस यात्रा के बारे में हमने उनसे एक बार पहले Padhaku Nitin में बात की थी—वो भी सुनिएगा। ये एपिसोड रघु राय को ही tribute है—Padhaku Nitin की तरफ़ से भी और हमारे आज के मेहमान की तरफ़ से भी। मेरे साथ हैं India Today Group के Photo Editor, Bandeep Singh। Bandeep जी इंडस्ट्री के सबसे प्रतिष्ठित photojournalists में से एक हैं। एक photojournalist के craft पर बात करने के लिए, दूसरे photojournalist से बेहतर कौन होगा? और बंदीप जी और रघु राय के बीच कई connections और समानताएँ भी हैं। एपिसोड अंत तक देखिएगा। प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल
  • Aarushi Talvar, Sushant Singh Rajput, Nirbhaya Case के अपराधियों का दिमाग कैसे पढ़ा गया? 23.04.2026 1sa 17dk
    Crime and Punishment. यूं तो कहने को ये दोस्तोवेस्की के उपन्यास का नाम भी है. लेकिन Crime and punishment समाज का एक नंगा सच है. इन्हीं दोनों के बीच एक पूरा Penal System revolve करता है. Justice System revolve करता है. जिसके लिए बहुत ज़रूरी है Crime और Criminal की सोच और Behavior को समझना. Forensic Psychology यही करती है कुछ टूल्स के सहारे. जिनके बारे में सुनने को मिलता है Narco Test, Lie Detector, Brain Mapping. अब इनका मकसद एक हो सकता है- क्राइम सॉल्व करना.  लेकिन इनके इर्द गिर्द अब भी कई Confusion है. तो आज एक Forensic Psychologist के ज़रिए एक Criminal के दिमाग में उतरते हैं. वो कैसे सोचता है. कैसे काम करता है. क्या क्राइम होने से पहले Criminal mind को identify किया जा सकता है? Padhaku Nitin के इस एपिसोड में हमारे साथ हैं Dr. Divya Dubey. Forensic Psychologist हैं. Op Jindal University में इसी Subject की Professor भी हैं. तिहाड़ से लेकर साबरमती जेल में जाती है Criminals की Counselling भी करती हैं.
  • Surgical Strike से भी बड़ा ऑपरेशन, लेकिन सरकार ने आपसे क्यों छुपाया? : पढ़ाकू नितिन 16.04.2026 58dk
    जासूस, जासूसी ऑपरेशंस, ISI RAW CIA KGB MOSSAD. जबसे धुरंधर आई है जनता को एक बार फिर से Covert Operation की दुनिया में रस आने लगा है. आना Logical भी है, बात राज़ की हो तो उसे जानने की उत्सुकता भी उतनी ही होती है. आज के एपिसोड में बात करेंगे एक Covert Operation की. और कोई ऐसे वैसे नहीं India के सबसे बड़े Covert Operation की, जिसे अंजाम दिया Special Forces ने. पहले बता दूं कि ये ऑपरेशन Surgical Strike से भी बड़ा था. लेकिन आज भी इसकी बात नहीं होती. क्यों नहीं होती? क्यों इतने बड़े ऑपरेशन पर किसी ने बात नहीं की. क्या था ये ऑपरेशन? यही कहानी कहती है ये किताब Operation X. लिखने वाले यूं तो इस किताब के दो हैं, Captain MNR Samant और Senior Defence Journalist Sandeep Unnithan. लेकिन आज Captain साहब हमारे साथ नहीं है. 2019 में किताब आने के कुछ हफ़्तों पहले उनका निधन हुआ. हमारे साथ हैं Defence Journalist, Sandeep Unnithan. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: सूरज सिंह
  • 90 के दशक ने कैसे बदल दिया Indian Pop Culture का जुगराफिया! : Padhaku Nitin Podcast 09.04.2026 1sa 11dk
    Gangs of Wasseypur का एक बहुचर्चित सीन है. जिसमें रामाधीर सिंह जी इस बात का वर्णन करते हैं कि सिनेमा का समाज से रिश्ता क्या है? और आप भी जानते ही हैं. चाहे पापा की दी हुई घुड़की पर तड़कता भड़कता दिलीप कुमारनुमा कमबैक देना हो, या गर्लफ्रेंड की आंखों की तारीफ़ करके रिश्ते मधुर बनाने हों. Filmein और अगर आयाम को थोड़ा बड़ा करें तो पॉप कल्चर इसमें हमेशा काम आया है. इस बात को तो आप भी चलते फिरते कह ही देते हैं हम लोग. लेकिन आज पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में 90s के दशक पर बात करेंगे. समझेंगे कि जब दुनिया और देश में इतना कुछ बदल रहा था. तभी म्यूज़िक सिनेमा टीवी शोज़ और Ads इतने क्यों बदले? 90s के वो गाने इतने पसंद क्यों आते हैं? Late 90s के Rock Bands, Indie Bands आज भी इतने अचानक से रील्स पर क्यों चल निकलते हैं? क्या इस बड़े रिव्ल्यूशन के पीछे एक बड़ा कारण इकॉनमी और पॉलिटिक्स भी है? और इसका राज़ भी खोलेंगे कि 90s के गानों को रिमिक्स करके आदित्य धर जैसे फिल्म मेकर्स क्यों इस्तेमाल करते हैं? आपको पता चलेगा कि इसकी भी पॉलिटिक्स है! हमारे साथ हैं प्रॉफेसर, हिस्टोरियन, पॉप कल्चर Enthusiast Arup Chatterjee. फिलहाल OP Jindal University में पढ़ाते हैं. प्रतिष्ठित अखबारों के लिए बड़े इंट्रेस्टिंग आर्टिकल्स लिखते हैं. 3 किताबें लिख चुके हैं. सुनिए पूरा एपिसोड
  • Asli Dhurandhar के किस्से, RAW का भौकाल और Unknown Men के Open Secrets! : Padhaku Nitin 02.04.2026 1sa 15dk
    मार्च 2026 के आख़िरी हफ़्ते में एक ख़बर आई—पाकिस्तान के बहावलपुर में एक व्यक्ति मारा गया। यह था जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक और 2001 के संसद हमले के मास्टरमाइंड मसूद अज़हर का बड़ा भाई, मोहम्मद ताहिर अनवर। अब ध्यान खींचने वाली बात क्या थी? किसने मारा—नहीं पता। कैसे मारा—नहीं पता। यही एक पैटर्न सा बनता दिख रहा है। पिछले 5-6 सालों में भारत की धरती पर आतंक फैलाने का इरादा रखने वाले कई पाकिस्तानी और खालिस्तानी आतंकियों को अलग-अलग मौकों पर इसी तरह मौत के घाट उतारा गया है। किसने मारा—नहीं पता। और फिर एक शब्द सामने आता है—“Unknown Men।” पाकिस्तान आरोप लगाता है कि ये RAW के लोग हैं, लेकिन RAW इन आरोपों को तवज्जो ही नहीं देता। अगर आपने धुरंधर 2 देखी है, तो उसमें भी इस तरह के ऑपरेशंस का इशारा मिलता है। लेकिन धुरंधर 2 तो एक फिल्म है… असल में क्या हो रहा है? क्या R&AW जैसी एजेंसियां वाकई ऐसे ऑपरेशंस को अंजाम देती हैं? CIA और ISI जैसी एजेंसियों पर भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं। तो सोचा, जासूसी की इस दुनिया में थोड़ा गहराई से उतरते हैं—RAW की वर्किंग को समझते हैं, केस स्टडीज़ के ज़रिए, पुराने उदाहरणों के ज़रिए। और इसलिए आज हमारे साथ हैं इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट Abhinandan Mishra। ये पहले नेवल ऑफिसर रह चुके हैं, नॉवेल लिख चुके हैं, बैंक PO भी रहे हैं और वकालत की पढ़ाई भी की है। लेकिन सबसे खास बात—इन्होंने इंटेलिजेंस एजेंसियों की कार्रवाई पर विस्तार से लिखा है। इनसे पूछेंगे सारे सवाल। जानेंगे सब। क्योंकि ये है Padhaku Nitin—जहां हम मानते हैं, लाइफ़ है छोटी… जानना सब है। प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती
  • Bishnoi समाज का लंबा संघर्ष, Salman Khan Black Buck Case और Pakistan में ग़ायब होते काले हिरण! : पढ़ाकू नितिन 26.03.2026 1sa
    भारत एक ऐसा देश है. जहां तीन कोस में भाषा और पानी ही नहीं. कहानियां भी बदल जाती हैं. क्योंकि हर गांव की अपनी एक लेगसी है. हर गांव के अपने हीरोज़. लेकिन हरियाणा और राजस्थान के कुछ गांवों की विशेषता ही यही है कि वहां रहने वाले लोग जानवरों और प्रकृति से इतना प्रेम करते हैं कि उनके लिए अपनी जान तक दे सकते हैं. ये समाज ही बिश्ननोई समाज के नाम से जाता है, जिनके लिए प्रकृति एक धर्म है. पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में हमारी मेहमान इसी समाज पर गहरी रिसर्च कर चुकीं एडवोकेट अनु लाल है. हाल ही में उनकी किताब आई “Bishnoi and the blackbuck” नाम से तो हमने सोचा इसी मुद्दे पर उनसे खुल के बात की जाए. रेशा रेशा खोला जाए. वही किया है, एपिसोड पूरा देखिएगा सुनिएगा. क्योंकि ज़िंदगी छोटी सी है जानना सब है. शुरुआत यहीं से कीजिए.
  • Bestselling Crime Author ने खोल दी Dhurandhar 2 की पोल!: पढ़ाकू नितिन 23.03.2026 1sa 14dk
    सोशल मीडिया पर Dhurandhar 2 का बहुत शोर है. कोई गानों की तारीफ़ कर रहा है. कोई एक्टर्स की. कोई कहानी की. लेकिन ये पॉडकास्ट कोई फिल्म रिव्यू नहीं है. क्योंकि Padhaku Nitin के इस एपिसोड में हमने की है फिल्म के किरदारों की बात. फिल्म में कई किरदार हैं, जो या तो सच्चे किरदारों से inspired हैं. जैसे राकेश बेदी द्वारा निभाया गया जमील जमाली का किरदार या फिर वो सच्चे किरदार ही हैं जैसे रहमान बलोच, SP Aslam Chaudhary. लेकिन अब क्योंकि फिल्म में क्या सही है, क्या फिक्शन इसकी Lines Blurred हैं. तो हमने सोचा इस Line को थोड़ा क्लियर किया जाए. बताया जाए कि इन किरदारों की असल कहानी क्या है? किस हद तक ये Inspired हैं? हमारे मेहमान है Senior Journalist और अब तो Bestselling Author भी अनिरुध्य मित्रा. सालों साल से अंडरवर्ल्ड पर रिसर्च करते हैं. सिर्फ़ भारत के ही नहीं, पाकिस्तान के भी. Covert Operation, Intelligence Agencies पर पढ़ना लिखना आपका शौक़ पैशन और प्रोफेशन भी है. और मज़ेदार बात ये है इनकी किताब Delhi Directives का थीम भी Dhurandhar से कई जगह तो हूबहू मिलता है. कैसे मिलता है ये भी पूछा. बाकि पॉडकास्ट Dhurandhar स्पेशल है ही, चिंता मत कीजिए Spoilers नहीं दिए हैं. एपिसोड पूरा सुनिएगा और शेयर भी कीजिएगा
  • Overtime, WFH से लेकर POSH और Maternity Leave तक कैसे सुलझाएं Office के सारे पंगे? : पढ़ाकू नितिन 12.03.2026 1sa 23dk
    Toxic Work Culture... ये शब्द हम रोज़ सुनते हैं, मीम्स में देखते हैं, दोस्तों की शाम की रैंट में सुनते हैं. लेकिन Legally इसका मतलब क्या है? और सबसे ज़रूरी, आप इससे बच कैसे सकते हैं?वकील रावी बीरबल से हमने पूछे आपके मन के सारे सवालToxic Work Culture की Legal Definition क्या है?70 घंटे काम करवाना Legal है या नहीं?बॉस चिल्लाए तो Employee के क्या Rights हैं?POSH Act असल में काम कैसे करता है?Overwork, Harassment, और Hostile Environment Law की नज़र में कहाँ खड़े हैं ये?प्रड्यूसर: मानव देव रावतसाउंड मिक्स: सूरज सिंह
  • हेलो बच्चों, गैंग्स ऑफ़ वासेपुर और छावा के क्या किस्से बता गए एक्टर विनीत सिंह! : पढ़ाकू नितिन 05.03.2026 1sa 30dk
    Padhaku Nitin के इस एपिसोड में हमारे मेहमान हैं मुक्काबाज़, राइटर और दिल से एक्टर Vineet Kumar Singh. आपने उन्हें कई फिल्मों में देखा ही होगा. कभी गैंग्स ऑफ़ वसेपुर के छरहरे दानिश ख़ान. कभी Ugly Film में Police Station में रिपोर्ट लिखवाने ऐसे पहुंचे घबराए हुए Casting Director के तौर पर. कभी Boxer जैसी कड़ी बॉडी लिए मुक्काबाज़ के श्रवण बने. कभी हाथ में पन्ने लेकर SuperBoys of Malegaon में चिल्लाते दिखे ‘Writer सबका बाप होता है’. छावा में जब संभाजी से संवाद किया तो लोगों की आंखें भरी. और इनका सबसे लेटेस्ट काम आपको देखने को मिलेगा. Netflix पर आई वेब सीरीज़ Hello Bachhon में. Vineet इस सीरीज़ में Physicswallah के CEO और Star Teacher Alakh Pandey का किरदार निभा रहे हैं. ये पॉडकास्ट पूरा सुनिएगा और हां, उसके बाद Netflix पर जाकर Hello Bacchon भी देखिएगा. दोनों में मज़ा आना पक्का है. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती
  • हिमंता बिस्व सरमा की परेशानी, कांग्रेस की चार्जशीट और असम की मियां प्रॉब्लम: पढ़ाकू नितिन 26.02.2026 1sa 27dk
    हमने कुछ महीने पहले ज़ुबिन गर्ग पर एक लंबी चौड़ा पॉडकास्ट किया था. उनके गानों की चर्चा हुई, उनके किस्से सुने हमने लेकिन जाते जाते हमारे गेस्ट ने एक बात कही- जब 2026 में असम चुनाव होगा तो ज़ुबिन गर्ग एक बड़ा मुद्दा साबित होगा. असम चुनाव का ऐलान हो चुका है. पार्टियों ने ज़मीन पर उतर कर जनता की सुध लेनी शुरू कर दी है. Screening Committees अब चुनावी चेहरों पर मंथन करना शुरू कर चुकी हैं. Strategies बन चुकी हैं. तो हमने सोचा कि Pre-Chunav माहौल में एक ऐसा पॉडकास्ट तो कर ही लिया जाए. जिससे कि हमारे देखने सुनने वालों को पता तो चले कि असम चुनाव इतना ख़ास है क्यों? हिंदी भाषी ऑडियंस को इस बात का अंदाज़ा तो हो कि दरअसल असम के मुद्दे क्या हैं? वहां बड़ी बड़ी पार्टियां कौनसी हैं? बड़े चेहरे कौनसे हैं?Padhaku Nitin का ये एपिसोड Assam पर ही. और मेहमान हैं Kaushik Deka, India Today North East के एडिटर हैं. India Today Magazine के Managing Editor हैं. इस बात को कहने में कोई दो राए नहीं है कि असम पर इनसे ज़्यादा बेहतर एक्सपर्ट आपको नहीं मिल सकता, क्योंकि Experience और Insight दोनों तगड़े हैं इनके. एपिसोड पूरा सुनिएगा. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती
  • आपकी ज़िंदगी से 8 साल खा रहे प्रदूषण को कौन रोक नहीं रहा? : पढ़ाकू नितिन 19.02.2026 1sa 8dk
    देश के कोने कोने से आवाज़ें आ रहीं हैं. AQI डबल से ट्रिपल डिजिट हुआ जा रहा है इसका ख़्याल कीजिए. हवा में जो ज़हर घुलता जा रहा है इसका ख़्याल कीजिए. क्योंकि WHO के आंकड़े ऐसा बताते हैं कि दुनिया की 99% जनता, Air Pollution के सीधे ख़तरों से प्रभावित है. न उनका दिल सुरक्षित है, न दिमाग और न फेंफड़े. अब जब बात इतनी गंभीर है, तो इस पर बात होना भी Urgent हो जाता है. तो याद रखिए, Padhaku Nitin का ये एपिसोड सिर्फ़ इंट्रेस्टिंग ही नहीं बेहद Urgent भी है. आज बात करेंगे की Air Pollution की समस्या को Solve करने में हम कहां पीछे रह रहे हैं? क्या Policy Making की कमी है? या क्या हम इस प्रॉबल्म को Misjudge कर रहे हैं? क्या Pollution के चलते सिर्फ़ हमारी Society ही नहीं, Economy भी धीमे धीमे नुकसान उठा रही है? फोकस दिल्ली पर भी करेंगे. पूछेंगे कि क्या AQI को टेंप्रेचर का स्केल बता देना या पानी छिड़क देना Monitoring Scales के आसपास. किसी भी तरह से Pollution को मिटाने के लिए कोई वैज्ञानिक तरीका है? यही पूछा है इस एपिसोड में जाने माने Environmentalist Chandra Bhushan जी से. पिछले दो दशकों से ये लगातार Environment से जुड़े मुद्दों पर गहरी रिसर्च करते हैं, करवाते हैं. Panels का हिस्सा होते हैं और उस चर्चा से और भी आगे बढ़कर चीज़ें समझाते हैं जहां Air Pollution की चर्चा दिल्ली की गाड़ियों से शुरू होती है. iForest (International Forum for Environment, Sustainability और Technology) नाम की प्रतिष्ठित संस्था के CEO भी हैं. एपिसोड पूरा सुनिएगा. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल
  • Dhurandhar, Kashmir Files और Kerala Story जैसी फिल्में नहीं बननी चाहिए? : पढ़ाकू नितिन 12.02.2026 1sa 38dk
    सिनेमा सिर्फ़ मनोरंजन ही नहीं, किसी समाज को, उसकी जड़ों और उसके culture को समझने का एक रास्ता भी है. सिनेमा के अंदर वह ताकत है कि आप 2026 में किसी थिएटर में बैठकर The Godfather देखें, तो मुमकिन है आपको लगे कि World War II अभी-अभी खत्म हुआ है. उसी थिएटर में बैठकर Interstellar देखें, तो महसूस हो कि दुनिया खत्म होने के कगार पर है. और अगर ओए लक्की! लक्की ओए! देखें, तो समझ आए कि दिल्लीवालों की complexities क्या हैं. Cinema एक subjective माध्यम भी है. दो अलग-अलग लोग एक ही फिल्म को अलग नजरिए से देख सकते हैं और इस पर बहस कर सकते हैं कि क्या वह फिल्म किसी propaganda का हिस्सा है या सच्चाई दिखाती है. आपने धुरंधर, छावा और The Kashmir Files को लेकर हुए बवाल भी देखे होंगे. क्योंकि आजकल फिल्मों पर propaganda cinema होने के आरोप पहले से ज़्यादा लगने लगे हैं. Padhaku Nitin के इस एपिसोड में फिल्म journalist Mihir Pandya और documentary filmmaker Eshan Sharma के साथ इसी मुद्दे को टटोलेंगे. ये सिनेमा को पढ़ते भी हैं और पढ़ाते भी हैं, एक अलग नजरिए के साथ. इन्होंने हाल ही में propaganda cinema पर एक workshop भी की है. इसलिए आज हम इन्हीं से समझेंगे कि propaganda cinema आखिर होता क्या है. क्या propaganda-less cinema जैसी कोई चीज होती भी है. क्या सिनेमा सिर्फ एक छलावा है. क्या cinema की अपनी politics होती है, और क्या politics के बिना cinema संभव है. अंत तक बने रहिएगा. चैनल Subscribe करना भी न भूलिएगा. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल
  • भारत क्यों नहीं बन पा रहा विश्वगुरु? Economist ने किया पर्दाफाश : पढ़ाकू नितिन 02.02.2026 1sa 23dk
    फरवरी 2026 आ चुका है. साथ ही आ चुका है इस साल का बजट भी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कल लोकसभा में Union Budget 2026 पेश किया. 83 मिनट का भाषण दिया. कई ऐलान किए. और अब हर साल की तरह बजट पर प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं. सरकार बजट के फायदे गिना रही है. विपक्ष नुकसान. प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि इस साल बजट हमारे युवाओं के सपनों का बिंब है और नेता प्रतिपक्ष कह रहे हैं कि युवा और किसान परेशान है और बजट ज़रूरी मुद्दों को एड्रेस नहीं कर रहा. Experts समझाने में जुटे हैं कि भारी Economic Terms में लबरेज़ बजट. आपके हमारे लिए क्या समेटे हुए है? तो चलिए हम भी एक ऐसे ही Expert की शरण लेते हैं जो हमको समझाएं कि क्या वाकई इस साल का बजट थोड़ा बोरिंग है, जैसा कि सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं हैं. या फिर कुछ ऐसे Undertones समेटे हुए है जो फिलहाल हमें समझ नहीं आ रहे लेकिन समझना ज़रूरी है. हमारे साथ है हमारे पुराने मेहमान Economist Arun Kumar जी. Yale, Columbia University जैसी Universities में Lectures दे चुके हैं. दुनियाभर में बुलाए जाते हैं. JNU में 30 साल इकॉनमिक्स पढ़ा चुके हैं. खासियत ये है इनकी कि आसान भाषा में सब समझाकर चौंका देते हैं. गुरुवार आने वाला पढ़ाकू नितिन का एपिसोड इस बार आपके लिए सोमवार ही ले आए हैं. पूरा देखिएगा और प्यार दीजिएगा. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: सूरज सिंह
  • Neeraj Chopra, Bajrang Punia, Rahgir जहां पढ़े उस LPU का ये सच नहीं जानते होंगे आप? : पढ़ाकू नितिन 29.01.2026 1sa 18dk
    पढ़ाकू नितिन में ऐसा कम होता है जब हम स्टूडियो से बाहर निकलते हों. लेकिन इस बार हम सिर्फ़ स्टूडियो से ही नहीं शहर, यहां तक की राज्य से भी बाहर आ गए हैं. पढ़ाकू नितिन की टीम पहुंच गई है पंजाब के जालंधर. इस एपिसोड में हम घूमे जालंधर की मशहूर Lovely Professional University में. 150 से ज़्यादा कोर्सेज़, 35 हज़ार से ज़्यादा स्टूडेंट्स—Agriculture, Robotics, Management, Technology, Liberal Arts, Law और न जाने कितने ऐसे कोर्सेज़। दिमाग में सवाल आया कि आख़िर इतनी बड़ी यूनिवर्सिटी चलती कैसे है? स्कूली शिक्षा की खामियों की बात तो हम अक्सर सुनते रहते हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी लेवल पर ये मामला कैसा है? यूनिवर्सिटीज़ करोड़ों के प्लेसमेंट्स कैसे करवाती हैं? एक वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटी कैसी होती है? क्या भारत में कोई वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटी है? और ये भी कि जब एक ही कैंपस में 40 से ज़्यादा देशों के स्टूडेंट्स पढ़ते हों, अलग-अलग राज्यों से, अलग-अलग पृष्ठभूमि से लोग आते हों—तो इतना सब कुछ मैनेज कैसे होता है? ये सारे सवाल हमने पूछे अपनी LPU की Pro-VC, Mrs. Rashmi Mittal से। प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती
  • दिल्ली, मुंबई, नोएडा और गुरुग्राम जैसे महानगरों का भट्टा कैसे बैठ गया?: पढ़ाकू नितिन 22.01.2026 1sa 16dk
    जीने का हक़ सभी को है, ये तो हमारा संविधान भी कहता है. लेकिन बार-बार इसका उल्लंघन होना हमें सवाल पूछने मजबूर करता है. कुछ ही दिन पहले, नोएडा के सोफ़्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता एक हादसे का शिकार हो गए, ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में उनकी कार पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी. और ये सिर्फ़ एक घटना नहीं, रिकॉर्ड्स बताते हैं कि 2004 से 2015 के बीच क़रीब ऐसे 40 लाख मामले देखने को मिले हैं. ये आंकड़े हालात का अंदाज़ा तो देते हैं, लेकिन असलियत इससे कहीं ज़्यादा गहरी है. ‘पढ़ाकू नितिन’ के इस एपिसोड में हमारे मेहमान हैं केटी रवींद्रन, School of Planning and Architecture में Urban Design Department के डीन. उनसे हमने पूछा कि क्या हम अपने शहरों को अब तक Flawless क्यों नहीं बना पाए? क्यों Bangalore का Traffic अब भी बदनाम है? क्यों Monsoon आते ही बार बार ये डर सताता है कि पार्किंग में खड़ी गाड़ी डूब न जाए? पिछले साल Old Rajinder Nagar के Basement का मामला भी आपको याद होगा. तो सोचा क्यों न एक Expert से समझा जाए कि आखिर ये शहर बसाए कैसे जाते हैं? क्या इन्हें बसाते वक्त ऐसे Sustainable Methods के बारे में नहीं सोचा जाता कि Traffic न लगे. जानेंगे Noida, Gurugram, Delhi, Chandigarh, Bangalore, London, New York, Paris किस तरह से Urban Planning के लिहाज़ से शानदार या Flawed हैं. सुनिए पूरा पॉडकास्ट और हां, लाइक शेयर Subscribe करना न भूलिए प्रड्यूस: मानव और माज़ साउंड मिक्सिंग: अमन पाल
  • Rail neer के नाम पर scam, IRCTC का सच और Train में किन्नरों-TT ख़ौफ़! : पढ़ाकू नितिन 15.01.2026 1sa 15dk
    न जाने कितनी ही बॉलीवुड फिल्मों के क्लाइमेक्स सीन और न जाने कितने ही भारतीयों के आम जीवन का हिस्सा रही है यह रेल. भारतीय मिडिल क्लास की यादों का एक बड़ा हिस्सा रेलवे से जुड़ा है. लेकिन रेलवे की यात्राओं को रोमांटिसाइज़ करना जितना ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी यह समझना भी है कि रेलवे, कई दूसरी सरकारी संस्थाओं की तरह, अव्यवस्था से अछूता नहीं रहा है. रेलवे के मुताबिक, पिछले पांच सालों में खाने से जुड़ी 19,000 से ज़्यादा शिकायतें दर्ज हुई हैं. 2021–22 में शिकायतें करीब 1,000 थीं, 2023–24 में यह संख्या 7,000 के पार पहुंच गई और 2024–25 में 6,000 से ज्यादा हो गई. ये आंकड़े हालात का अंदाज़ा तो देते हैं, लेकिन हकीकत इससे कहीं ज़्यादा गहरी है. ‘पढ़ाकू नितिन’ के इस एपिसोड में हमारे साथ एक ऐसे व्लॉगर हैं, जो इसी हकीकत को लगातार सामने लाते रहते हैं. वे ट्रेनों में सफर करते हैं, छोटी हो या लंबी दूरी, हर यात्रा में. जहां 14 रुपये की पानी की बोतल 20 में बेची जाती है, वहां सवाल उठाते हैं. महंगा खाना बेचा जाता है, तो शिकायत दर्ज कराते हैं. इस दौरान होने वाली झड़पों को भी वे बेहद सहजता से संभालते हैं. इनका नाम है शाहनवाज़. सोशल मीडिया पर ये “पीटर क्लिप्स” के नाम से मशहूर हैं. आपने इनकी रील्स और वीडियो ज़रूर देखी होंगी. आज देखिए इनका पहला पॉडकास्ट, जहां हमने रेलवे में भ्रष्टाचार, यात्रियों की परेशानियों और उनकी आंखों देखी अव्यवस्थाओं पर खुलकर बातचीत की है. प्रड्यूसर : मानव देव रावत साउंड मिक्सिंग: अमन पाल

Şurada popüler

Bu podcast şu ülkelerin podcast listelerinde de yer alıyor.