Mahabharat Hindi Podcast

Mahabharat Hindi Podcast

Atul Purohit
Ülke Hindistan
Türler Religion & Spirituality, Hinduism
Dil HI
Bölüm 46
Son 12.06.2026

यह पॉडकास्ट महाभारत की कथा को हिंदी में सुनाता है, जिसे अतुल पुरोहित द्वारा प्रस्तुत किया गया है। इसमें कृष्ण के जीवन पर चर्चा और श्रीमद्भागवत तथा गीता से सामग्री शामिल है।

Bölümler

  • 047 - भीष्म के अंतिम उपदेश 12.06.2026 9dk
    आज के एपिसोड में हम सुनेंगे बाणों की शैया पर लेटे भीष्म पितामह के अमूल्य उपदेश। युधिष्ठिर अपने मन के शोक, धर्म और राजकाज से जुड़े प्रश्न लेकर उनके पास आते हैं। भीष्म उन्हें राजधर्म, आपद्धर्म, मोक्ष, दान, कर्म और जीवन के गहरे सत्य समझाते हैं। अंत में वे विष्णु सहस्रनाम का उपदेश देकर उत्तरायण के समय शांत भाव से अपने प्राण त्याग देते हैं।
  • 046 - युधिष्ठिर : त्याग या जिम्मेदारी 28.04.2026 8dk
    आज के एपिसोड में हम देखेंगे युद्ध के बाद युधिष्ठिर के मन में उठे गहरे द्वंद्व को, जहाँ विजय के बाद भी उन्हें शांति नहीं मिलती। अपराधबोध और दुख से भरे युधिष्ठिर सब कुछ छोड़कर वन में जाने का विचार करते हैं। यह कथा है उस आंतरिक संघर्ष की, जहाँ राजा और साधु के बीच उनका मन झूलता रहता है।
  • 045 – कर्ण का रहस्य 15.04.2026 12dk
    आज के एपिसोड में हम सुनेंगे उस पल की कहानी, जब कुंती ने पांडवों के सामने कर्ण का असली सच उजागर किया। इस रहस्य ने पांडवों को भीतर तक तोड़ दिया, और विजय के बाद भी उन्हें गहरा शोक घेर लिया। अर्जुन और युधिष्ठिर के मन में पश्चाताप और पीड़ा उमड़ पड़ी, जब उन्हें अपने ही भाई के वध का एहसास हुआ। यह एपिसोड दिखाता है कि महाभारत में जीत के बाद भी कितनी गहरी हार छिपी हुई थी।
  • 044 – अश्वत्थामा का श्राप: महायुद्ध का अंत 26.03.2026 7dk
    आज के एपिसोड में हम सुनेंगे महाभारत के अंतिम और सबसे मार्मिक क्षणों के बारे में, जहाँ अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र और कृष्ण के श्राप ने इतिहास की दिशा बदल दी। यह कथा केवल युद्ध के अंत की नहीं, बल्कि उस विनाश की है जिसने दोनों पक्षों को भीतर से तोड़ दिया। जानिए कैसे इस युद्ध के बाद विजय भी शोक में बदल गई।
  • 043 - अश्वत्थामा का प्रतिशोध: रात्रि का अंतिम संहार 12.03.2026 8dk
    आज के एपिसोड में हम सुनेंगे महाभारत युद्ध के बाद की वह भयावह घटना, जब हार के बाद भी कौरव पक्ष का प्रतिशोध शांत नहीं हुआ। अश्वत्थामा क्रोध और शोक से भरकर एक भयानक निर्णय लेता है, जो इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में बदल जाता है। इस अध्याय में युद्ध के अंत के बाद भी हिंसा और प्रतिशोध की आग कैसे भड़कती है, यह सामने आता है। पांडवों की जीत के बीच एक ऐसी त्रासदी घटती है, जो इस विजय को भी शोक में बदल देती है।
  • 042 - भीम बनाम दुर्योधन: अंतिम गदा युद्ध 05.03.2026 8dk
    आज के एपिसोड में हम सुनेंगे महाभारत के सबसे निर्णायक क्षणों में से एक — भीम और दुर्योधन का अंतिम गदा युद्ध। दोनों महान योद्धा आमने-सामने आते हैं और पूरा रणक्षेत्र सांस रोककर इस भयंकर द्वंद्व को देखता है। युद्ध के बीच एक ऐसा क्षण आता है जो इतिहास की दिशा बदल देता है और वर्षों पुरानी प्रतिज्ञा पूरी होती है। इस एपिसोड में जानिए कैसे इस अंतिम मुकाबले ने कुरुक्षेत्र युद्ध का परिणाम तय कर दिया।
  • 041 – कर्ण का अंत 24.12.2025 7dk
    इस एपिसोड में हम सुनते हैं महायुद्ध के सबसे निर्णायक क्षण की कहानी, जब धर्म और कर्तव्य आमने-सामने खड़े होते हैं। कर्ण का वध होते ही युद्ध की दिशा हमेशा के लिए बदल जाती है और कौरव पक्ष भीतर से टूट जाता है। इसके बाद अठारहवें दिन का आरंभ होता है, जहाँ एक-एक करके अंतिम प्रमुख योद्धाओं का पतन होता है। यह एपिसोड महाभारत के अंतिम अध्याय की नींव रखता है।
  • 040 – कर्ण बनाम अर्जुन - 2 08.12.2025 7dk
    आज के एपिसोड में हम सुनेंगे उस निर्णायक मोड़ की कहानी, जहाँ अर्जुन और कर्ण पहली बार पूरे तेज़ और क्रोध के साथ आमने-सामने आए। अभिमन्यु के प्रतिशोध और वृशसेन वध के बाद यह युद्ध केवल रण नहीं रहा—यह दो जीवनभर के दर्द, शापों और अधूरे वचनों की भिड़ंत बन गया। दिव्यास्त्रों की वर्षा, कृष्ण की रणनीति और कर्ण के शापित दुर्भाग्य ने इस संग्राम को इतिहास का सबसे रोमांचक क्षण बना दिया। अंत में किस्मत, कौशल और कर्म—तीनों ने मिलकर इस महायुद्ध की दिशा तय की।
  • 039 – कर्ण बनाम अर्जुन - 1 21.11.2025 9dk
    युद्ध का केंद्र दो महावीरों पर आ टिकता है — कर्ण और अर्जुन। एक ओर कर्ण अपनी मित्रता और वचन का भार उठाए लड़ा, दूसरी ओर अर्जुन धर्म और न्याय की राह पर अडिग रहा। इस दिन भीम ने दुःशासन का अंत कर द्रौपदी का अपमान धोया, और कर्ण ने अपने भाई होने के बावजूद पांडवों को जीवनदान दिया। लेकिन अब सब कुछ एक बिंदु पर आ पहुँचा — जहाँ नियति ने तय कर रखा था कि कौरव-पांडव युद्ध का निर्णायक पल इन्हीं दो योद्धाओं की भिड़ंत से लिखा जाएगा।
  • 038 – द्रोण पर्व का अंत 03.11.2025 9dk
    आज के एपिसोड में हम सुनेंगे द्रोण पर्व के समापन की कथा — जहाँ युद्ध वीरता से आगे बढ़कर धर्म और अधर्म की सीमाएँ लांघ गया। अश्वत्थामा के क्रोध, व्यासजी के उपदेश और कृष्ण–अर्जुन की दिव्य उपस्थिति ने युद्ध को नई दिशा दी। अभिमन्यु के बलिदान से लेकर जयद्रथ वध, रात्रि युद्ध और द्रोणाचार्य के अंत तक — यह पर्व दिखाता है कि कुरुक्षेत्र में सत्य, रणनीति और प्रतिशोध सब एक साथ टकरा गए। अब अगला चरण शुरू होगा — कर्ण पर्व, जहाँ नियति का अंतिम द्वंद्व तय होगा।
  • 037 – अश्वत्थामा का कोप 17.10.2025 8dk
    आज के एपिसोड में सुनिए अश्वत्थामा के प्रचंड क्रोध की कथा — जब नारायणास्त्र विफल होने के बाद उन्होंने अपने पिता के वध का प्रतिशोध लेने के लिए रणभूमि जला डाली। धृष्टद्युम्न, सात्यकि और भीम तक उनके प्रहार से कांप उठे। अंततः अर्जुन और अश्वत्थामा आमने-सामने आए — दिव्यास्त्रों की भीषण टक्कर में पूरा आकाश दहक उठा। लेकिन जब अर्जुन ने ब्रह्मास्त्र चलाया, तब अश्वत्थामा को पीछे हटना पड़ा — और इसी के साथ द्रोण पर्व का अंत हुआ।
  • 036 – अश्वत्थामा की प्रलय 05.09.2025 13dk
    आज के एपिसोड में हम सुनेंगे उस क्षण की कहानी जब द्रोणाचार्य की मृत्यु के बाद पांडव पक्ष में मिश्रित भावनाएँ उठीं। भीमसेन और धृष्टद्युम्न ने विजय का उत्सव मनाया, लेकिन अर्जुन अपने गुरु की हत्या से गहरे शोक में डूब गए। सात्यकि और धृष्टद्युम्न के बीच तनाव बढ़ा, जिसे कृष्ण और भीमसेन ने संभाला।दूसरी ओर, कौरवों में हाहाकार मच गया और अश्वत्थामा, अपने पिता के वध का बदला लेने के लिए क्रोधित होकर युद्ध में कूद पड़े। उन्होंने नारायणास्त्र का प्रकोप चलाया – एक ऐसा दिव्य अस्त्र, जो सामना करने पर पूरे युद्धभूमि को नष्ट कर सकता था। पांडव सेना भयभीत हो गई, सभी महारथियों ने कृष्ण के आदेश पर हथियार डालकर भूमि पर लेटकर आत्मसमर्पण किया। भीमसेन का अदम्य साहस और अर्जुन की तत्परता ही इस प्रलय से सेना को बचा सकी।इस एपिसोड में जानिए कैसे अश्वत्थामा का प्रकोप और नारायणास्त्र की शक्ति पांडवों के लिए सबसे बड़े संकट में बदल गई और किस तरह कृष्ण और अर्जुन ने समय रहते इसे नियंत्रित किया।
  • 035 - द्रोणाचार्य का अंत 19.08.2025 15dk
    इस एपिसोड में हम जानेंगे कि कैसे कृष्ण ने युधिष्ठिर और पांडवों के साथ मिलकर द्रोणाचार्य को पराजित करने की रणनीति बनाई।
  • 034 - द्रोणाचार्य का विनाशकारी प्रहार 01.08.2025 9dk
    आज के एपिसोड में हम सुनेंगे उस असामान्य रात के बारे में, जब दोनों सेनाओं ने कुछ देर का विराम लिया और घायल योद्धाओं का इलाज किया। लेकिन रात के अंतिम प्रहर में युद्ध फिर से हिंसक रूप से शुरू हुआ, और द्रोणाचार्य ने पांडवों की सेना पर अत्यधिक आक्रमण किया। पांडवों के कई महान सहयोगी मारे गए, और युद्ध ने एक नया मोड़ लिया। अर्जुन और द्रोण के बीच संघर्ष और भीषण होता गया, जब श्रीकृष्ण ने अर्जुन को एक नई रणनीति अपनाने का संकेत दिया।
  • 033 – रात्रि युद्ध 15.07.2025 12dk
    आज के एपिसोड में हम सुनेंगे उस भयंकर रात्रि युद्ध के बारे में, जब कौरवों ने थकान के बावजूद युद्ध जारी रखा। दुर्योधन के उन्माद और कर्ण की प्रतिहिंसा से युद्ध ने एक नया मोड़ लिया। अर्जुन और कर्ण का भीषण सामना हुआ, और साथ ही सात्यकि और सोमदत्त के बीच द्वंद्व ने माहौल को और गरमा दिया। इस एपिसोड में जानिए कैसे रात्रि के अंधेरे में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को चुनौती दी और युद्ध की तीव्रता बढ़ी।
  • 032 – अर्जुन की प्रतिज्ञा: जयद्रथ वध 25.06.2025 10dk
    आज के एपिसोड में हम सुनेंगे अर्जुन की प्रतिज्ञा के बारे में, जहां उन्होंने जयद्रथ का वध कर अपनी प्रतिज्ञा पूरी की। अर्जुन की वीरता और धर्म के संघर्ष को समझते हुए, हम देखेंगे कि कैसे उन्होंने कौरवों के खिलाफ एक के बाद एक शत्रुओं का सामना किया। इस एपिसोड में जयद्रथ के वध के बाद युद्ध का माहौल और भी भीषण हो गया, जब रात के अंधेरे में दोनों सेनाओं के बीच संघर्ष जारी रहा।
  • 031 - अर्जुन की ज्वाला: अभिमन्यु का प्रतिशोध 09.06.2025 27dk
    इस कड़ी में अर्जुन को अभिमन्यु की दुखद मृत्यु का समाचार मिलता है और वे जयद्रथ वध की प्रतिज्ञा लेते हैं। अगली सुबह अर्जुन अकेले विशाल व्यूह को भेदते हैं, जबकि सात्यकि और भीम भी उनके पीछे आते हैं। रणभूमि में जबरदस्त युद्ध होता है – वीरता, क्रोध और शोक सब चरम पर हैं। अर्जुन का हर कदम केवल एक लक्ष्य के लिए है: प्रतिशोध।
  • 030 - द्रोण पर्व: अभिमन्यु का बलिदान 15.05.2025 32dk
    द्रोण पर्व में हम महाभारत के युद्ध के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुँचते हैं। भीष्म पितामह के शरशय्या पर जाने के बाद, युद्ध की बागडोर द्रोणाचार्य के हाथों में आती है। इस दौरान पांडवों की सेना और कौरवों के बीच भयंकर संघर्ष होता है, और अर्जुन के बेटे अभिमन्यु का साहसिक बलिदान भी इस पर्व में शामिल है। अभिमन्यु, जिसे चक्रव्यूह तोड़ने की कला सिखाई गई थी, परन्तु वह उसकी समाप्ति तक नहीं पहुँच पाता। इस एपीसोड में हम द्रोण पर्व की शुरुआत और अभिमन्यु के बलिदान तक के घटनाक्रम पर चर्चा करेंगे।
  • 029 - Bheeshma Ka Vadh 19.03.2025 25dk
    आज हम महायोद्धा भीष्म के वध के बारे में जानेंगे.
  • 028 – Yudh, day 2-6 05.03.2025 26dk
    आज हम देखेंगे कि किस तरह से युद्ध दूसरे दिन से चालू होता है और छठे दिन तक जाता है। हम कई तरह के व्यूह के बारे में भी जानेंगे।

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