Padhaku Nitin - World Affairs Podcast
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This podcast deep dives into international relations and geopolitics, explaining complex global events in simple, relatable language. It covers power struggles, diplomacy, foreign policy strategies, and global conflicts with historical context and sharp analysis. Topics include the US-China rivalry, India's global position, West Asia conflicts, nuclear diplomacy, and UN politics.
Епізоди
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Karl Marx का सबसे बड़ा Experiment क्यों Fail हो गया? Modern Empires #1 : Padhaku Nitin World Affairs 04.08.2026 1год 40хвसिर्फ़ हेडलाइंस और न्यूज़ देखकर Geopolitics को समझना बिलकुल वैसे है… जैसे सिर्फ़ कवर को देखकर किताब को जज करना.. आधा अधूरा.. क्योंकि Geopolitics सिर्फ़ आज घट रही चीज़ों का Analysis नहीं है.. ये दशकों से घटी उन घटनाओं का Consequence भी है.. जिन्होंने आज दुनिया को उस रूप में ला खड़ा किया.. जैसी आप को और हमें वो नज़र आती है… हेडलाइंस का Analysis करके तो हम Padhaku Nitin World Affairs में बात करते आए ही हैं… अब आपके लिए Padhaku Nitin World Affairs की नई सीरीज़ हाज़िर है.. Modern Empires. इस सीरीज़ में एक एक करके हम उन सभी Modern Empires की बात करेंगे… जिन्होंने आज Geopolitics में बड़ा कद पाया है.. America सुपरपावर बना कैसे? China, जो कभी ख़ूद सिविल वॉर से जूझ रहा था.. उसने धीरे धीरे कैसे अपने आप को एक बड़ी ताकत के तौर पर Establish किया.. Iran… Israel.. Turkey.. Europe.. इन सबके इतिहास ने कैसे इनकी आज की Foreign Policy को शेप किया.. इस सीरीज़ में इसी पर खुलकर बात करेंगे. पहले एपिसोड में शुरूआत करते हैं Soviet Union से… वो सोवियत यूनियन, जिसे अमेरिका अपना Competitor मानता था… लैंडमास के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा देश.. दूसरे वर्ल्ड वॉर का विजेता.. कैसे 1991 में टूटा…. पूरी कहानी.. सारे Complication समझेंगे… Prof. Amitabh Singh से… JNU में Russian Studies पढ़ाते हैं.. एपिसोड पूरा देखिएगा और कमेंट करके इसपर अपनी राय भी बताइएगा Credits: Producer: Manav Dev Rawat Host: Nitin Thakur Sound: Suraj Singh -
Saudi के हाथ लगेगा Nuclear Formula? Trump की Deal ने क्यों मचाई हलचल? : Padhaku Nitin World Affairs 29.07.2026 1год 10хв22 जुलाई की बात है. ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने एक घोषणा की. कहा कि हम सऊदी अरब के साथ एक डील साइन करने जा रहे हैं. सबने पूछा इस डील से क्या होगा.. बताया गया- अमेरिका सऊदी अरब की मदद करेगा.. उनके Civil Nuclear Program के लिए उन्हें हेल्प करेगा. बदले में अमेरिका को सऊदी अरब पैसा देगा.. डील साइन हो गई. अब सुनने में कितना सिंपल लगता है न? अगले दिन ही ट्रंप ट्रुथ सोशल पर आए और कहा.. कि डील हो तो गई है.. लेकिन अंजाम तक पहुंचेगी या नहीं.. ये तो इस बात पर डिपेंड करेगा.. कि सऊदी अरब इज़रायल से अपने Diplomatic Relations शुरू करेगा.. अब पूरी दुनिया सर खुजा रही थी.. पूछ रही थी.. कि Mr. Trump. डील तो होती ही इसलिए है ना. कि सारी शर्ते अग्रीमेंट में लिखे जाए और फिर साइन हों. फिर आप साइन हो चुकी डील में ये शर्त कैसे एड कर सकते हैं.… मामला दरअसल इतना सिंपल है नहीं.. ना ये डील सिंपल है… इसलिए सालों से अटकी हुई थी.. और ईरान वॉर के दौरान इस डील का होना और भी मुश्किल है.. क्योंकि अंदर की बात ये है कि ये डील सिर्फ़ सऊदी अरब के लिए मदद भर नहीं है.. हो सकता है ये दुनिया में होने वाले अगले सबसे बड़े Chaos की शुरूआत हो.. The Big Nuclear Power Chaos.. इसलिए पढ़ाकू नितिन World Affairs का ये एपिसोड बहुत अहम हैं. हमारे सामने हैं War Veteran और Nuclear Policy Expert Retired Brigadier Arun Sehgal. 36 साल आर्मी में सर्व किया. इसके बाद आप Forum for Strategic Initiatives नाम के थिंक टैंक के Director भी हैं. आज हमारे साथ हैं. इनसे समझिए की पूरा मसला है क्या? Credits: Producer: Manav Dev Rawat Host: Nitin Thakur Sound: Suraj Singh -
Tehran से लौटे Journalist ने बताया जंग के बाद Iran का आंखों देखा हाल : Padhaku Nitin World Affairs 14.07.2026 1год 3хвअगर आप जानना चाहते हैं कि जंग के बाद ईरान कैसा दिखता है… वहां के लोग क्या सोचते हैं… और कैमरे में कैद न हो सकी कहानियां क्या हैं, तो यह एपिसोड आपके लिए है। 28 फ़रवरी 2026 को अमेरिकी-इज़रायली एयरस्ट्राइक में ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अली ख़ामेनेई की मौत के साथ ही ईरान युद्ध का नया अध्याय शुरू हुआ। इसके बाद पूरी दुनिया ने मिसाइलों, धमाकों और भू-राजनीति पर चर्चा की। लेकिन जंग के बाद ज़मीन पर ईरान कैसा है? वहां की सड़कों, बाज़ारों, लोगों और माहौल में क्या बदला? सोशल मीडिया पर अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार की तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए—ईरान के झंडे में लिपटा ताबूत और उसे विदाई देने उमड़ा जनसैलाब। लेकिन उन तस्वीरों के पीछे की असली कहानी क्या है? इन्हीं सवालों के जवाब लेकर आए हैं आजतक के पत्रकार सुमित चौधरी, जो हाल ही में ईरान से लौटे हैं। उन्होंने वहां से कई ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं, लेकिन कैमरे से परे जो अनुभव, किस्से और ऑब्ज़र्वेशन्स रह गए—वो सब इस एपिसोड में पहली बार साझा करेंगे। Padhaku Nitin World Affairs के इस विशेष एपिसोड में जानिए: युद्ध के बाद ईरान की ग्राउंड रियलिटी तेहरान का माहौल और आम लोगों की सोच ख़ामेनेई के बाद ईरान में क्या बदला? मीडिया की नज़र से छूट गईं अनसुनी कहानियां और वो बातें जो सिर्फ़ ज़मीन पर जाकर ही समझी जा सकती हैं। Producer: Manav Dev Rawat Host: Nitin Thakur Sound: Suraj Singh -
White House से Trump की मोटी कमाई? President Trump Controversy Explained 10.07.2026 8хвडोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार पर अमेरिकी मीडिया और कई इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट्स ने गंभीर आरोप लगाए हैं. इन रिपोर्ट्स का दावा है कि ट्रंप ने राष्ट्रपति रहते हुए सिर्फ अमेरिका ही नहीं चलाया, बल्कि अपने बिज़नेस को भी बड़ा फायदा पहुंचाया.आज के पढ़ाकू नितिन वर्ल्ड अफेयर्स में हम इन्हीं दावों और आरोपों को विस्तार से समझेंगे. जानेंगे कि आखिर किन वजहों से ट्रंप और उनके परिवार पर अरबों डॉलर कमाने के आरोप लग रहे हैं. साथ ही यह भी समझेंगे कि इतने विवादों और रिपोर्ट्स के बावजूद ट्रंप के कट्टर समर्थक MAGA उनके साथ मजबूती से क्यों खड़े हैं.Credits:Producer: Manoj Rajpurohit Host: Nitin ThakurSound: Suraj Singh -
200 साल राज करने के बाद अंग्रेज़ मुआवज़ा क्यों मांग रहे हैं? Suella Braverman 08.07.2026 12хвब्रिटेन की पूर्व गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन का कहना है कि ब्रिटेन ने जिन देशों पर राज किया, उन देशों को ब्रिटेन से किसी भी तरह का ऐतिहासिक मुआवज़ा मांगने के बजाय ब्रिटेन को पैसे वापस देने चाहिए! क्योंकि उनके अनुसार, ब्रिटेन ने इन देशों को आज का शानदार 'लोकतंत्र' बनाने में बहुत बड़ा निवेश किया था. बहुत कोशिशें की थीं और काफ़ी योगदान दिया था.Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में समझेंगे कि कैसे एक क्रूर साम्राज्यवादी व्यवस्था को आज 'डेवलपमेंट प्रोजेक्ट' के तौर पर बेचा जा रहा है. Credits:Producer: Manoj Rajpurohit Host: Nitin ThakurSound: Aman Pal -
China-Taiwan से पढ़कर लौटी Student ने बताया Xi Jinping के दिमाग में क्या चल रहा है?: Padhaku Nitin World Affairs 07.07.2026 1год 7хвये हफ़्ता भारतीय डिप्लोमेसी के हिसाब से बड़ा अहम है. पिछले हफ़्ते जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची भारत में थीं, उनके फोटोज़ वीडियोज़ आपने भी देखें होंगे. फिलहाल जब हम बात कर रहे हैं तो पीएम मोदी भी तीन देशों के दौरे पर हैं- Indonesia, Australia और New Zealand. अब इन देशों में कॉमन बात ये है कि ये पड़ते हैं Indo-Pacific के इलाके के. और इसी Indo-Pacific में दबदबा बनाने की कोशिश चीन की रहती है, इसलिए जब भी भारत यहां कोई कदम उठाता है तो नज़रें चीन की भी टिकती हैं. लेकिन China का Indo-Pacific को लेकर जो विज़न और Policy है. उसमें गहरा गोता लगाने की ज़रूरत है. ताकि समझ पाएं कि China भारत और इस इलाके में पड़ने वाले अलग अलग देशों को लेकर किस तरह की प्लानिंग्स में लगा है. आज बात China के अलग अलग पंगों की- जापान, Australia और सबसे ज़रूरी Taiwan. हमारे साथ है Antara Ghosal Singh, Orf की Chinese मामलों की Expert है. पहले भी हमारी मेहमान रही हैं और China Taiwan में पढ़ीं हैं इसलिए हमारे लिए Perfect Guest भी हैं. Credits: Producer: Manav Dev Rawat Host: Nitin Thakur Sound: Aman Pal -
Karachi attack का सच, Balochistan का दर्द और Pakistan का पानी प्रॉब्लम!: Padhaku Nitin World Affairs 30.06.2026 1год 4хвपिछले हफ़्ते हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान ने इतना कुछ घटा है कि पाकिस्तान हर तरह से घिरता हुआ नज़र आ रहा है. एक तरफ़ कराची के सेना हेडक्वाटर्स में एक बड़ा हमला हुआ, जिसकी ज़िम्मेदारी ली TTP के एक गुट ने लेकिन पाकिस्तान ने मढ़ दिया भारत पर इल्ज़ाम. दूसरी तरफ़ दोनों देशों के बीच पानी का मसला ऐसे Escalate हुआ कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कह डाला कि पानी के मसले पर जंग भी कर देंगे साहब. ख़बरें बलोचिस्तान से भी आईं और ख़बर ये भी आई कि Iran-US के समझौते में हेल्प करने पहुंचे आसिम मुनीर को मारने के लिए Mossad ने प्लानिंग भी की थी. हमारे साथ आज मौजूद है Border Studies और South Asian geopolitics के माहिर Prof. Dhananjay Tripathi, South Asian University में पढ़ाते हैं और हमारे शो पर भी हमारे आपके सवालों के जवाब देने आते रहते हैं. आज भी देंगे. Producer: Manav Dev Rawat Host: Nitin Thakur Video Editor: Ashish Rawat Sound: Aman Pal -
Iran US की किस्मत अगले 60 दिन में पलटने वाली है?: Padhaku Nitin World Affairs 16.06.2026 56хвThesaurus Dictionary जानते हैं आप? वही डिक्शनरी जिसमें एक शब्द के कई पर्यायवाची यानी synonyms लिखे होते हैं। लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप के पास भी ऐसी ही कोई Thesaurus Dictionary है, और उसमें दर्ज है कि Diplomacy का पर्याय Deal है। 15 जून 2026 को ट्रंप ने Truth Social पर लिखा— "सुनो, सुनो, सुनो! ईरान के साथ डील हो गई है। होर्मुज़ खुल रहा है। ले आओ अपने जहाज़।" इसके बाद से दुनिया भर के बाज़ारों में उत्साह दिखाई दे रहा है। भारत का शेयर बाज़ार भी अगले दिन क़रीब एक प्रतिशत तक उछला। जो लोग इस बात से परेशान थे कि कहीं तेल की सप्लाई प्रभावित न हो जाए, उन्हें भी राहत मिली। और राहत हमें इसलिए भी है कि दुनिया के अलग-अलग कोनों में चल रही जंगों में से कम-से-कम एक संघर्ष अब ख़त्म होने की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है। डिप्लोमेसी की दुनिया में अक्सर युद्ध के बाद समझौते होते हैं। लेकिन अगर थोड़ी दूरी से देखा जाए, तो हर समझौते के पीछे एक सवाल छिपा रहता है— आख़िर जीता कौन और हारा कौन? किस पक्ष को क्या हासिल हुआ? इस डील में किन-किन मुद्दों पर विभिन्न पक्षों ने अपने रुख़ बदले? और कौन-से ऐसे सवाल हैं जो अब भी अनसुलझे हैं? ये सब तभी समझ में आएगा, जब सवाल किए जाएँगे। तो Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में आज हम यही करने वाले हैं। हमारे साथ मौजूद हैं आपके चहेते Prof. Mohsin Raza Khan। Producer: Manav Dev Rawat Host: Nitin Thakur Sound: Aman Pal -
Bangladesh में क्रांति अभी बाकी है? Sheikh Hasina का Comeback plan क्या है? : Padhaku Nitin World Affairs 09.06.2026 1год 14хвफरवरी और मई. ये दोनों महीने भारत और बांग्लादेश के रिश्तों के लिए बड़े अहम हैं. क्यों? क्योंकि फरवरी में पूरे डेढ़ साल की अंतरिम सरकार के बाद बांग्लादेश में चुनाव हुए और सत्ता संभाली BNP के तारिक रहमान ने. तब हमने इसपर पॉडकास्ट भी किया. आपने देखा भी होगा. अब मई में बंगाल में चुनाव हुए और 15 साल से सत्ता संभाले बैठी TMC बाहर हुई और सत्ता में आई BJP. अब ये इतनी बड़ी बात इसलिए है क्योंकि बांग्लादेश और भारत का पश्चिम बंगाल आपस में 2,217 KM का बॉर्डर शेयर करते हैं. बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में पानी का बंटवारा भी एक बड़ा मुद्दा है. बांग्लादेश की तरफ़ से होने वाली Illegal घुसपैठ एक बड़ा मुद्दा है. साथ ही बांग्लादेश में Hindu Minorities के साथ जो भी घटा वो एक चिंता का विषय का सबके लिए. और अब बॉर्डर के इस तरफ़ जो सरकार आई है वो जानी जाती है हिंदुवादी होने के लिए. तो Padhaku Nitin World Affairs में ये ज़रूरी हो जाता है कि रुक कर बात की जाए. समझा जाए कि भारत-बांग्लादेश के बीच क्या घट रहा है? क्या रुक रहा है? दोनों तरफ़ सेंटिमेंट्स क्या है? कुछ Water Agreements, कुछ Border Fencing. कई सारे पहलू हैं. समझेंगे सब आज के मेहमान से Professor Sanjay Bhardwaj से. बांग्लादेश से जुड़े Water Sharing के मुद्दे पर इनका बेहतरीन काम है. वहां पढ़े भी हैं. फिलहाल पढ़ाते हैं JNU के Centre of South Asian Studies में Professor और Chairperson दोनों हैं. Producer: Manav Dev Rawat Host: Nitin Thakur Sound: Rohan Bharti -
Trump हैं चेहरा, लेकिन पीछे से जारी है इन 4 लोगों का खेल: Padhaku Nitin World Affairs 02.06.2026 1год 8хвDonald Trump, JD Vance, Marco Rubio, Kash Patel और Pete Hegseth कैसे बने अमेरिका की नई पावर टीम? जानिए Trump Administration के 'Four Horsemen' की पूरी कहानी। अमेरिका के राजनीतिक इतिहास में पहली बार कुछ ऐसा हो रहा है जिसे 'Unprecedented' कहना भी कम होगा। व्हाइट हाउस अब किसी अनुभवी टेक्नोक्रेट या पॉलिसी वेटरन के हाथ में नहीं, बल्कि उन लोगों के हाथ में है जिनकी सबसे बड़ी पहचान 'ट्रम्पिज्म' (Trumpism) के प्रति उनकी वफादारी है। इन्हें कहा जा रहा है ट्रम्प के '4 Horsemen'— Pete Hegseth, JD Vance, Marco Rubio, और Kash Patel. ये चार नाम आज वॉशिंगटन के उस पावर इकोसिस्टम के केंद्र में हैं, जो दुनिया के किसी भी कोने में हलचल मचाने की ताकत रखते हैं। लेकिन ये यहाँ तक पहुँचे कैसे? क्या ये सिर्फ एक इत्तेफाक है या किसी सोची-समझी स्क्रिप्ट का हिस्सा? 'पढ़ाकू नितिन' के इस खास एपिसोड में हम डिकोड करेंगे इन चारों किरदारों के 'Character Arcs' और उनकी दिलचस्प कहानियाँ। साथ ही, हमारे साथ स्टूडियो में मौजूद हैं सीनियर जर्नलिस्ट रोहित शर्मा, जो वॉशिंगटन की गलियों और अमेरिकी राजनीति की गहरी समझ रखते हैं। रोहित हाल ही में मार्को रूबियो का इंटरव्यू भी कर चुके हैं और आज हमें बताएंगे इस नए अमेरिकी पावर सेंटर की अंदरूनी खबरें। सुनिए 'World Affairs' का यह बेहद जरूरी और जानकारी से भरपूर एपिसोड। Producer: Manav Dev Rawat Host: Nitin Thakur Sound: Aman Pal -
Rubio का Damage Control दौरा, Putin का Xi को Piano प्रणाम और Trump की चिढ़! : Padhaku Nitin World Affairs 26.05.2026 1год 5хв19 मई से 26 मई 2026 का हफ्ता शीत युद्ध के बाद की दुनिया के सबसे रणनीतिक रूप से अहम हफ्तों में से एक साबित हो सकता है। वजह ये नहीं कि किसी एक घटना ने दुनिया बदल दी, बल्कि इसलिए क्योंकि एक ही समय पर हुई दो बड़ी घटनाओं ने दुनिया में उभरते नए शक्ति संतुलन को बहुत साफ तरीके से दिखा दिया। एक तरफ — 26 मई को अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio नई दिल्ली पहुंचे, जहां क्वाड देशों की विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इस समूह में अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इस बैठक का मकसद था इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिका की मौजूदगी और उसके गठबंधनों को मजबूत दिखाना। अमेरिका इसे “फ्री, ओपन और मजबूत इंडो-पैसिफिक” की रणनीति कहता है। दूसरी तरफ — Vladimir Putin ने 20 मई 2026 को अपनी दो दिन की चीन यात्रा खत्म की। यह उनकी 25वीं चीन यात्रा थी, और शायद अब तक की सबसे अहम यात्रा भी। इस दौरान रूस और चीन के बीच 40 से ज्यादा समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। दो बड़े संयुक्त बयान जारी किए गए। एक में “बहुध्रुवीय दुनिया” यानी Multipolar World और नए तरह के अंतरराष्ट्रीय संबंधों की बात हुई। दूसरे में 2030 तक रूस-चीन की रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने का ऐलान किया गया। इस यात्रा के दौरान पुतिन ने निजी मुलाकात में Xi Jinping के लिए पियानो भी बजाया। वहीं शी जिनपिंग ने दोस्ती पर आधारित 2000 साल पुरानी चीनी कहावत का जिक्र किया। लेकिन सार्वजनिक तौर पर दोनों नेताओं ने अमेरिका की “एकतरफा दबदबे वाली नीति” यानी unilateral hegemony की खुलकर आलोचना की। ये सिर्फ आम कूटनीतिक मुलाकातें नहीं थीं। समझिए क्यों? Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में प्रोफेसर मोहसिन रज़ा ख़ान से. Producer- Manav Dev Rawat Host - Nitin Thakur Sound- Aman Pal -
China में पढ़ी Expert से सुनिए Trump के चीन दौरे की कहानी : Padhaku Nitin World Affairs 19.05.2026 1год 8хвदुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है — ये वाक्य आपने कई दफ़ा सुना होगा। लेकिन क्या दुश्मन के दोस्त से बातचीत रखने में भी कोई फायदा होता है? ये सवाल शायद हम सबको मिलकर ट्रंप से पूछना चाहिए। इस वक़्त अमेरिकी राष्ट्रपति युद्ध के माहौल में घिरे हुए हैं — ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच। और इसी दौरान, वो 43 घंटों के लिए चीन पहुंचे। 13 मई को बीजिंग पहुंचे, राष्ट्रपति Xi Jinping से मुलाकात की, शिखर वार्ता में हिस्सा लिया, Xi Jinping के घर पर डिनर किया और फिर वापस लौट आए। लेकिन ट्रंप और जिनपिंग की इस मुलाकात में आखिर क्या बातें हुईं? इस बैठक से निकला क्या? इसे लेकर दुनिया भर के एक्सपर्ट्स और थिंक टैंक लगातार चर्चा कर रहे हैं। लोगों में जिज्ञासा है कि क्या ट्रंप के चीन दौरे का West Asia में चल रहे तनाव पर कोई असर पड़ेगा? क्या दुनिया जिस तेल संकट की आशंका से गुजर रही है, उससे उबर पाएगी? सवाल कई हैं। और इन सवालों के जवाब देने के लिए हमारे साथ जुड़ी हैं एक ऐसी एक्सपर्ट, जो सालों से US-China रिश्तों पर लिखती रही हैं। वो चीन भी जा चुकी हैं, चीनी भाषा जानती हैं, वहां के थिंक टैंक्स और मीडिया — दोनों पर गहरी नज़र रखती हैं। कहा जा रहा है कि इस मीटिंग में ईरान के अलावा ताइवान पर भी चर्चा हुई। हमारी मेहमान ताइवान भी जा चुकी हैं। हमारे साथ हैं Indian Think Tank Observer Research Foundation में फेलो के तौर पर जुड़ीं अंतरा घोषाल सिंह। इससे पहले वो पत्रकार रह चुकी हैं और MP-IDSA (Manohar Parrikar Institute for Defence Studies and Analyses) के साथ भी काम कर चुकी हैं। Producer- Manav Dev Rawat Host - Nitin Thakur Sound- Aman Pal -
नेपाल में क्रांति से सत्ता तक बालेन शाह का असली गेम प्लान क्या है?: Padhaku Nitin World Affairs 13.05.2026 1год 5хвनेपाल की राजनीति में इस वक्त जबरदस्त हलचल है. 1991 के बाद पहली बार भारी बहुमत से बनी सरकार के सामने चुनौतियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. सड़कों पर पनपी क्रांति से उपजे बालेन शाह आखिर क्या चाहते हैं? क्या भारत और नेपाल के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने वाला है? 'पढ़ाकू नितिन World Affairs' के इस खास एपिसोड में हम किसी भारतीय एक्सपर्ट से नहीं, बल्कि सीधे 'ग्राउंड ज़ीरो' से हकीकत जान रहे हैं. हमारे साथ जुड़े हैं नेपाल के पत्रकार और लेखक बिराट अनुपम (Birat Anupam), जो 'The Diplomat' जैसे बड़े संस्थानों के लिए नेपाल की डिप्लोमेसी पर लिखते हैं. वे बताएंगे कि बालेन शाह ने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी और सर्जियो गोर जैसे दिग्गजों से मिलने से मना क्यों किया? क्या नेपाल का विरोध पत्र दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट घोलेगा? सुनिए पूरा एपिसोड. Producer- Manav Dev Rawat Host - Nitin Thakur Sound- Suraj Singh -
Balen Shah को क्यों हुई Kailash Mansarovar Yatra 2026 से दिक्कत! : Padhaku Nitin World Affairs 05.05.2026 1год 5хвआपको Love Triangles पसंद हैं? अरे होता है न फिल्मों या कहानियों में कि दो लोगों को एक से प्यार हो जाता है. ऐसे में लिखने वालों और देखने वालों को मज़ा ही इसलिए आता है कि Complexities इतनी बढ़ जाती हैं. दो लोग कंपीट कर रहे हैं अपना प्यार प्रूव करने के लिए. Geopolitics में भी कई बार Love Triangles देखने को मिलते हैं. ज़्यादा दूर न जाइए पड़ोस में ही चलते हैं. भारत-नेपाल-चीन के बीच का Dynamic भी पिछले कई सालों से कुछ कुछ ऐसा ही रहा था. भारत और चीन दोनों नेपाल की दोस्ती चाहते रहे हैं. उसके लिए कंपीट करते रहे हैं. कभी Economically या कभी Diplomatically भी. वो भी इस हद तक कि जब भी नेपाल में कोई नई सरकार बनती थी तो इंडियन मीडिया में सबसे बड़ा सवाल यही गूंजा करता था कि नेपाल का नया पीएम प्रो चाइना है या प्रो इंडिया. लेकिन हाल के कुछ महीनों में कहानी पलटने लगी है. अब नेपाल का खुद का एक अलग सा कैरेक्टर Arch चालू है. पहले GenZ Protest. पुराने नेताओं को पीट पीटकर देश से भगाए जाना. फिर बालेन शाह के तौर पर एक नए नेता का भारी बहुमत से सत्ता में आना. और फिर 40 दिन की सत्ता में ही बालेन कैबिनेट से दो नेताओं का इस्तीफ़ा. वो नेपाल जो Diplomatically सबसे मिलता था, बात करता था. उसके सुर इतने बदले कि Balen Shah ने नेपाल पहुंचे American Ambassador Sergio Gor से मिलना तक ज़रूरी नहीं समझा. सब कुछ बहुत तेज़ी से बदल रहा है. ये नया नेपाल, पहचानने में ही नहीं आ रहा. लेकिन फिर भी बालेन शाह को समझने की. नए नेपाल की Foreign Policy समझने की कोशिशें जारी हैं. ये पॉडकास्ट भी वैसी ही कोशिश है, पसंदीदा मेहमान Prof. K उर्फ़ Professor मोहसिन रज़ा के साथ. एपिसोड पूरा सुनिए, शेयर कीजिए Producer- Manav Dev Rawat Host - Nitin Thakur Sound- Aman Pal -
बालेन शाह का इंडिया कनेक्शन, तूफानों से घिरा नेपाल और चीन की चिंता: Padhaku Nitin World Affairs 28.04.2026 58хвएक अमेरिकन अफ्रीकन एक्टिविस्ट थे फ्रेड हैंपटन. हैंपटन ने कहा था कि You can kill a revolutionary but you can never kill a revolution. यानि आप क्रांतिकारी को तो ख़त्म कर सकते हैं. क्रांति को नहीं. आपको याद होगा 2025 सितंबर में भारत के पड़ोसी देश नेपाल में एक बहुत बड़ी क्रांति हुई. जो किसी ऐसी आंधी की तरह थी कि सरकार का पूरा सिस्टम ही उड़ा ही ले गई थी. इस आंधी का नाम था GenZ क्रांति. और इस आंधी-तूफ़ान के बाद अब मालूम होता है कि मौसम साफ़ हो चुका है. एक नई सरकार गठित हो चुकी है. GenZ के नेता Balen Shah अब वहां के प्रधानमंत्री भी बन चुके हैं. लेकिन क्या ये शांति वाकई अच्छे मौसम की निशानी है या बादल दोबारा घूम कर तूफ़ान बनने की ओर लौट रहे हैं ये कहना अभी मुश्किल है. Balen Shah, बहुत एक्टिव तो नज़र आ रहे हैं. 100 Point Program लाए वो जिसमें वो कह रहे हैं कि Bureaucrats का पॉलिटिक्स में आना पूरी तरह रोक देंगे. Judicial System को और पारदर्शी बनाएंगे. यानि वही बात कि Revolution जारी है. लेकिन दूसरी तरफ़ बालेन शाह की पार्टी में खुद भी करप्शन के निशान दिख रहे हैं. तो इस एपिसोड में बात नेपाल और Balen Shah पर ही. समझेंगे Balen Shah का India को लेकर विज़न क्या है? वो कैसा नेपाल चाहते हैं? नेपाल के साथ भारत के रिश्ते कैसे चाहते हैं? ये सब समझिए South Asian University में International Relation पढ़ाने वाले Dhananjay Tripathi से. Border Studies पर इनका Specialised काम है. प्रड्यूसर : मानव देव रावत साउंड मिक्सिंग : रोहन भारती वीडियो एडिटर : आशीष रावत -
Hamas की क्रूरता, Israel की लापरवाही, और Iran की Ground-Breaking Reality! : Padhaku Nitin World Affairs 22.04.2026 1год 27хвWest Asia की जंग के बीच से ख़बरें आ रहीं हैं कि Islamabad में एक और Peace Talk होनी हैं. हालांकि सब कुछ इतना धुंधला है कि उधर ईरान कह रहा है कि भैया हमारे यहां से तो कोई अभी तक पाकिस्तान पहुंचा ही नहीं. तो जब इस मामले में कुछ साफ़ होगा तो उसपर तो बात करेंगे ही. आज एक अलग तरह का एपिसोड है. Exclusive Episode हैं. अभी कुछ दिन पहले हमने Anchor और Journalist Sweta Singh को बुलाया था जो Israel से Ground Reporting करके लौटी थीं. आज हमारे साथ हैं Anchor और Journalist Sumit Chaudhary. फरवरी 2026 में Sumit खुद ईरान गए. वहां रुके. रिपोर्टिंग की. कई ईरानी शहरों में गए और Protest भी कवर किए. उसके बाद से भी लगातार वहां की घटनाओं पर नज़र बनाए हुए हैं. तो Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में उनसे समझते हैं कि Iran, जिसको Stone Age में पहुंचाने की कसमें ट्रंप खा रहे हैं. वो दरअसल इन्हें कैसा दिखा? प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल -
एक फोन कॉल... और Fail हो गई Islamabad Peace Talk : Padhaku Nitin World Affairs 14.04.2026 54хвअगर Geopolitics कोई जीता जागता व्यक्ति होता, तो शायद उसे Vitamin D की ज़रूरत सबसे ज़्यादा होता. D for Diplomacy. D for Deal. पिछले पूरे हफ़्ते लोगों की नज़र इस्लामाबाद में होने वाली बड़ी Diplomatic Meeting पर थी. तेहरान और वॉशिंगटन से डेलिगेट्स आए. पूरी दुनिया को उम्मीदें थी कि शायद अब इस जंग को conclusion मिल ही जाए. लेकिन मालूम होता है कि बहुत कठिन है डगर Deal की. Talks fail हुईं. Blockade जारी है. टेंशन अब भी बनी हुई है और आशंकाएं भी. क्योंकि क्या पता ट्रंप कब क्या कर दें. Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में आज समझते हैं कि पीस डील में दोनों पक्षों के लिए है क्या? क्यों बात बनी नहीं? क्या पीस डील एकतरफ़ा है? Oman, Qatar को छोड़ अब इस्लामाबाद क्यों मध्यस्थता करवा रहा है? इसके कुछ फायदे नुकसान भी हैं क्या पाकिस्तान को? और सबसे बड़ी बात, भारत क्यों नहीं करवा रहा मध्यस्थता? पूछे हमने सारे सवाल हमारे मेहमान Prof. K उर्फ़ Prof Mohsin Raza Khan से. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल -
जंग के बीच Israel से Ground Reporting के Unfiltered किस्से ft. Sweta Singh 08.04.2026 1год 2хвरजत कपूर की एक फिल्म है आंखों देखी. बड़ी सुंदर फिल्म है. इसमें मुख्य किरदार है संजय मिश्रा का. जो एक बात कहता है- जब तक मैं खुद अपनी आंखों से नहीं देख लेता, मानूंगा नहीं. वो कहता है कही-सुनी नहीं मानूंगा. आंखों देखी मानूंगा. वेस्ट एशिया में जंग छिड़ी हुई है.. पिछले 4-5 हफ़्तों से तो हम हर एपिसोड पर इसी बारे में बात कह सुन रहे ही हैं. लेकिन आज हमारे साथ एक ऐसी मेहमान हैं, जिनके लिए ये युद्ध आंखों देखी है. पढ़ाकू नितिन World Affairs के इस एपिसोड में हमारी मेहमान हैं. न्यूज़ एंकर और जर्नलिस्ट श्वेता सिंह. श्वेता जी हाल ही में इस युद्ध के दौरान ही Israel गईं. हम जिन जिन इलाकों के नाम सुनते हैं. जैसे टेल अवीव. Israel Lebanon Border. बेत शेमैश. Jordan Israel Border. ये उन सब जगह खुद गईं. वो भी तब जब मिसाइलें लगातार गिर रहीं थीं. इनकी ग्राउंड रिपोर्ट्स में आपको पीछे मलबे का ढेर आसानी से दिख जाएगा. Background में Bomb Sirens, धमाकों की आवाज़ें भी सुनाई पड़ जाएंगी. इस एपिसोड में सुनिए वहां का आंखों देखा हाल. -
Mojtaba Khamenei- IRGC की सेटिंग, Witkoff का कंफ्यूज़न और Trump के Mood Swing! : Padhaku Nitin World Affairs 07.04.2026 1год 2хвDeadline! ये शब्द सुनते ही पैनिक सा मचने लगता है न? मन में Anxiety? कईयों के तो हाथ ही कांपने लगते हैं. आज 6 अप्रैल 2026 जो जब हम Padhaku Nitin World Affairs का ये एपिसोड रिकॉर्ड कर रहे हैं. तब भी हम एक डेडलाइन पर ही खड़े हैं. ये डेडलाइन है ट्रंप की. उन्होंने ईरान से कहा था कि 6 अप्रैल तक एक डील कर लें. वरना वो Iran के Infrastructure पर हमले शुरू करेंगे. उधर ईरान ने ऐसा कोई मन बनाया ही नहीं है. Iran के Foreign Minister Araghchi कह रहे हैं कि Trust level is at zero. तो फिलहाल कोई डील होती तो नहीं दिख रही है. लेकिन दरअसल ये डील क्यों नहीं हो रही है? आजकल इसपर बात करेंगे. US और Iran दोनों पक्षों की तरफ़ से कौन है जो इसमें अड़ंगा डाल रहा है. और ये भी कि अगर बाई चांस डील हो भी गई जंग रुक भी गई. तो आने वाले दिनों में ईरान का हाल क्या होने वाला है? खामेनेई सीनियर तो जा चुके. खामेनेई जूनियर अपना चेहरा तक नहीं दिखा रहे हैं. सामने आ रहे हैं तो बस IRGC के नए नए कमांडर्स. तो भी जानेंगे कि कहीं Iran Guard state बनने की तरफ़ तो नहीं जा रहा है. कहीं पाकिस्तान के बगल में एक और पाकिस्तान तो नहीं बनने जा रहा है? पूछेंगे सब कुछ Vishwajeet singh Akhawat से. VIF में रिसर्चर हैं आप इन्हें पिछले एपिसोड में भी सुन चुके हैं. West Asia में IRGC पर इनकी MPhil है. तो इनसे अच्छा कौन समझाएंगा. क्योंकि ये है Padhaku Nitin जहां हम कहते हैं एक लाइफ़ है… जानना सब है प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती -
Trump का Report Card, IRGC की मनमानी और Netanyahu का Greater Israel Plan! : Padhaku Nitin World Affairs 31.03.2026 1год 12хвफरवरी 2026 के आखिरी दिन, ट्रंप ने वेस्ट एशिया में जंग की शुरूआत कर दी थी. वही ट्रंप जो कि खुद को No war President कहते थे और सफ़ाई दी कि परेशान मत होइए आप लोग, बस यूं जाएंगे और 4 हफ़्तों में रिजीम चेंज करके जंग ख़त्म कर देंगे. सिंपल! लेकिन हालात आज ऐसे हो गए हैं कि न तो 4 हफ़्तों में जंग ख़त्म हुई है, न ढंग से रिजीम चेंज. ऊपर से जिस ईरान को ट्रंप से हिसाब से अब तक टूट जाना चाहिए था. वही ईरान स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर कब्ज़ा किए बैठा है. तेल भी अटका रखा और अमेरिका इज़रायल समेत वेस्ट एशिया के कई देशों की जान भी. उधर अब तक जिस जंग को ट्रंप मिसाइलों के ज़रिए लड़ रहे थे. उसी जंग में ट्रंप अब अमेरिकी सैनिक उतार रहे हैं. ट्रंप ने 4 हज़ार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक(US Marines) और 82nd Airborne Division भेज दी है. Boots on Ground आ चुके हैं. उधर ईरान के अंग्रेज़ी अख़बार ने उनका स्वागत किया है अपने अख़बार के पहले पेज पर लिखा है “Welcome to Hell”. तो लगातार बदलते हालातों के बीच, बात ज़रूरी है. इसलिए Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में बात Iran War पर ही करेंगे. जानेंगे कि पिछले चार हफ़्तों में किसने क्या खोया? क्या पाया? जानेंगे कि जंग का पांचवा हफ़्ता क्या किसी ख़तरे का निशान है? इस पांचवे हफ़्ते में क्या नया होने को है? रणनीतियां कैसे बदल रही हैं? और क्या इस सबके बीच ट्रंप की कुर्सी को ख़तरा तो नहीं है? पूछे ये सारे सवाल हमारे नए मेहमान से. Dr. Vishwajeet Singh Akhawat हमारे साथ हैं. Vivekananda International Foundation में Research Associate के तौर पर काम करते हैं. West Asia और स्पेशली Iran के संदर्भ में सालों से पढ़ लिख रहे हैं. इनकी MPhil की रिसर्च का टॉपिक था Role of IRGC in Iranian Politics. और इनका कोर सब्जेक्ट है, Iranian Security और Foreign Policy.
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